अमरोहा पटाखा फैक्ट्री में बड़ा खेल! अपनी ही फर्म को माल बेचकर 50 लाख की टैक्स चोरी, 22 लाख जमा
अमरोहा की एक पटाखा फर्म में राज्य कर विभाग की जांच में 50 लाख रुपये की टैक्स चोरी का खुलासा ...और पढ़ें
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मंडी धमोरा स्थित पटाखा फैक्ट्री में कार्य करते कारीगर।सौ.विभाग
HighLights
हापुड़ की अपनी ही फर्म को अधिकांश बिक्री दिखाकर कर अपवंचन का आरोप
कुंदरकी की पटाखा फैक्ट्री में भी राज्यकर की टीम ने देर रात तक जांच की
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। त्योहारों पर आतिशबाजी की बढ़ती मांग के बीच पटाखों के कारोबार में टैक्स चोरी का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग की प्रवर्तन इकाई ने अमरोहा के धनौरा स्थित आतिशबाजी बनाने और बेचने वाली पंजीकृत फर्म की जांच में बिक्री का वास्तविक ब्योरा छिपाने, कम मूल्य के बिल जारी करने और स्टाक में अंतर जैसी अनियमितताएं पकड़ी हैं।
शुरुआती जांच में करीब 50 लाख रुपये की टैक्स चोरी सामने आइ है। फर्म ने कार्रवाई के बाद 22 लाख रुपये सरकारी खजाने में जमा कराए हैं। वहीं, शुक्रवार को कुंदरकी की पटाखा फैक्ट्री में भी जांच शुरू की गई है। जोर देर रात तक जारी रही।

दरअसल, राज्यकर विभाग की प्रवर्तन इकाई की टीम में उपायुक्त राज्य कर उत्तम कुमार तिवारी, अखिलेश कुमार, सहायक आयुक्त संजय सरोज, अकबर हुसैन और राज्यकर अधिकारी धीरज कुमार ने 15 अक्टूबर को धनौरा स्थित फर्म की जांच की।
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जांच में सामने आया कि धनौरा की फर्म आतिशबाजी का निर्माण करने के साथ उसकी ट्रेडिंग भी करती है। विभागीय रेकी में जानकारी मिली थी कि फर्म लेखा पुस्तकों में दर्ज किए बिना भी बिक्री कर रही है।

जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि फर्म के एक साझेदार की हापुड़ में आतिशबाजी कारोबार के लिए दूसरी फर्म पंजीकृत है। आरोप है कि धनौरा की फर्म अपनी अधिकांश बिक्री इसी दूसरी फर्म को दिखा रही थी।

इस तरह दोनों फर्मों के बीच होने वाले कारोबार की जांच के साथ वास्तविक बिक्री और घोषित कारोबार के अंतर को भी खंगाला गया। भौतिक सत्यापन के दौरान मौके पर मिला स्टाक लेखा पुस्तकों में घोषित स्टाक से कम मिला।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, माल के वास्तविक मूल्य के मुकाबले कम मूल्य के बिल जारी कर वास्तविक कारोबार छिपाने और टैक्स देनदारी कम दिखाने का मामला भी सामने आया।
जांच के दौरान लेखों से बाहर की बिक्री से संबंधित कुछ पर्चियां मिलीं, जिन्हें सत्यापन के अभाव में जब्त कर लिया। इन पर्चियों और स्टाक के अंतर के आधार पर प्रथम दृष्टया करीब 50 लाख रुपये की टैक्स चोरी का आकलन हुआ। विभाग अब संबंधित अभिलेखों और कारोबार के विवरण के आधार पर कार्रवाई करेगा।
त्योहारों के दौरान आतिशबाजी के कारोबार में कर अपवंचन रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। धनौरा की फर्म की जांच में अनियमितताएं मिली हैं। फर्म की ओर से 22 लाख रुपये राजकीय कोष में जमा कराए हैं। कुंदरकी की पटाखा फैक्ट्री में जांच हो रही है।
- आरए सेठ, अपर आयुक्त ग्रेड-2 (विशेष अनुसंधान शाखा)
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