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Bijnor: ढाई लाख के इनामी आदित्य राणा के चार मददगार गिरफ्तार, सिम और सामान पहुंचाने जा रहे थे चारों आरोपित

Bijnor ढाई लाख रुपये के इनामी आदित्य राणा के चार मददगारों को स्योहारा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से मोबाइल सिम और खाने-पीने का सामान बरामद हुआ है। आरोपित आदित्य को सामान देने जा रहे थे।

By Jagran NewsEdited By: Nirmal PareekPublished: Fri, 24 Mar 2023 07:34 PM (IST)Updated: Fri, 24 Mar 2023 07:34 PM (IST)
ढाई लाख के इनामी आदित्य राणा के चार मददगार गिरफ्तार (सांकेतिक तस्वीर)

जागरण संवाददाता, बिजनौर : ढाई लाख रुपये के इनामी आदित्य राणा के चार मददगारों को स्योहारा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से मोबाइल, सिम और खाने-पीने का सामान बरामद हुआ है। आरोपित आदित्य को सामान देने जा रहे थे।

स्योहारा थाना क्षेत्र के गांव रानानंगला निवासी आदित्य राणा पिछले वर्ष 23 अगस्त को बिजनौर में पेशी के बाद लखनऊ जेल लौटते समय शाहजहांपुर में पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अब पुलिस ने उसके मददगारों और शरणदाताओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुरुवार को इनामी के भाई ग्राम प्रधान चंद्रवीर उर्फ बिट्टू को जेल भेजा गया था।

तीन बिजनौर और एक मुरादाबाद का है आरोपित

गुरुवार रात करीब बारह बजे पुलिस को सूचना मिली कि स्योहारा क्षेत्र के बेरखेड़ा से सत्तोनंगली रोड पर स्थित नियमताबाद मोड़ के पास जंगल में कुछ लोग आदित्य को सामान देने गए हैं। पुलिस ने जंगल में उनकी घेराबंदी की तो आरोपितों ने फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग करते हुए पुलिस ने चार युवकों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपित राजेश पुत्र फूल सिंह निवासी ग्राम रतनपुर, निक्की पुत्र पुरन सिंह निवासी ग्राम बमनौली, अनुराग पुत्र राजवीर निवासी भगवानपुर रैनी थाना स्योहारा और जयकुमार पुत्र बृजपाल निवासी सलेमपुर थाना कांठ जिला मुरादाबाद हैं।

शातिर को सिम, खाना और सामान पहुंचाने जा रहे थे चारों आरोपित

आरोपितों ने बताया कि एक व्यक्ति मौके से भाग गया है, वह उन्हें आदित्य के पास ले जाने वाला था। वह आदित्य के लिए सिम, मोबाइल और खाने-पीने का सामान उपलब्ध कराने जा रहे थे। आरोपितों के पास से दो तमंचे, दो चाकू, दस जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। स्योहारा थाना प्रभारी राजीव चौधरी ने बताया कि आरोपितों का चालान कर दिया गया।

बमनौली में बनाया था ठिकाना

आदित्य गिरफ्तार आरोपितों के संपर्क में था। कुछ समय पहले वह बमनौली गांव में निक्की के यहां रुका था। गिरफ्तार आरोपितों में दो युवक पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। सभी आदित्य की मदद कर रहे थे। चर्चा है कि शातिर को रुकवाने में पेट्रोल कर्मियों का सहयोग रहा था। वह आदित्य के भाई के भी संपर्क में थे। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी बढ़ने के बाद आदित्य ने यह ठिकाना छोड़ दिया था।


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