ऑस्ट्रेलियन चुकंदर से गुड़ बनाकर बदलेगी बिजनौर के किसानों की किस्मत; जर्मनी, दुबई और भूटान से मिले ऑर्डर
Bijnor News: बिजनौर के किसान इस बार तीन हजार बीघा भूमि पर ऑस्ट्रेलियन प्रजाति की चुकंदर की खेती कर रहे ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बिजनौर में किसान ऑस्ट्रेलियन चुकंदर की तीन हजार बीघा में कर रहे खेती।
किसान ट्रैंच विधि में शरदकालीन गन्ने के साथ भी बो सकते हैं चुकंदर।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। खेती में किसान इस बार ऑस्ट्रेलियन प्रजाति की चुकंदर का रकबा बढ़ाने जा रहे हैं। एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी) किसानों से लगभग तीन हजार बीघा भूमि में चुकंदर की खेती कराएगी।
एफपीओ को पहले ही भूटान, दुबई और जर्मनी से चुकंदर से बने गुड़ ऑर्डर मिल चुका है। अप्रैल में माल की डिलीवरी की जाएगी।
गन्ना की फसल जिले के किसानों के दिलों में बसती है। फिर भी किसान दूसरी फसलों को भी अपनाने से पीछे नहीं हटते हैं। पिछले वर्ष किसानों ने नहटौर क्षेत्र में क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कंपनी के साथर मिलकर लगभग 800 बीघा भूमि में ऑस्ट्रेलियन प्रजाति की चुकंदर की खेती की थी। यह चुकंदर चीनी, गुड़ और साइलेज बनाने में काम आती है।
किसानों से एफपीओ ने लगभग एक हजार टन चुकंदर गन्ने के भाव 400 रुपये प्रति क्वंटल के भाव पर खरीदी थी। इससे गुड़ व साइलेज बनाकर बेचा। चुकंदर के गुड़ की बात मांग होती है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो में भी एफपीओ को विदेश से आर्डर मिले थे। एफपीओ द्वारा किसानों से इस वर्ष लगभग तीन हजार बीघा भूमि में चुकंदर की खेती कराई जाएगी।
कंपनी द्वारा किसानों को 600 रुपये प्रति बीघा के हिसाब से बीज दिया गया है। जिले के अलावा काशीपुर के किसान भी चुकंदर की बुआई कर रहे हैं। एक चुकंदर में दो से पांच किलोग्राम वजन तक निकलता है। एफपीओ के सीईओ विजेंद्र सिंह चौहान के अनुसार चुकंदर से रिकवरी गन्ने से अधिक 16 प्रतिशत तक होती है।
ये होगी पैदावार और दाम
चुकंदर की पैदावार 80 से 120 कुंतल प्रति बीघा तक जा सकती है। किसान चाहें तो ट्रैंच विधि में शरदकालीन गन्ने के साथ चुकंदर बो सकते हैं। चुकंदर के दाम 400 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किए गए हैं। यह गन्ने के ही बराबर है। अगर किसान केवल चुकंदर भी बोएं तो मार्च में चुकंदर की खोदाई के बाद वे दो बार मक्का या और फसल बो सकते हैं। कुल मिलाकर इससे किसानों की आमदनी डेढ़ गुना से अधिक होगी।
इन्होंने कहा
किसानाें के लिए चुकंदर की खेती फायदेमंद साबित होगी। एफपीओ से जुड़कर किसान एक तरह की फसल बोकर बाजार में आराम से बेच सकते हैं। जिले में एफपीओ को बढ़ावा दिया जा रहा है।
रणविजय सिंह, सीडीओ
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