बिजनौर में पटाखा फैक्ट्री की आड़ में बन रहे थे कारतूस, संचालक समेत दो गिरफ्तार; मुंबई से जुड़ा है नेटवर्क
बिजनौर में एक पटाखा फैक्ट्री की आड़ में कारतूस बनाने और अवैध भंडारण के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
पटाखा फैक्ट्री की आड़ में कारतूस बनाने का खुलासा।
संचालक मोहम्मद यूसुफ और गुफरान अहमद अंसारी गिरफ्तार।
मुंबई और सऊदी अरब तक फैला अवैध नेटवर्क।
जागरण संवाददाता, बिजनौर। पटाखा फैक्ट्री में कारतूस बनने और क्षमता से अधिक अवैध भंडारण करने के मामले में पुलिस ने संचालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपित पटाखे बनाने की आड़ में कारतूस का निर्माण करते थे। उन्हें मुंबई निवासी हथियार तस्कर को सप्लाई किया जाता था।
आरोपित वहां से ही कच्चा माल लाते थे। आरोपितों के पास से बने पटाखे, कारतूस व कच्चा माल बरामद हुआ है। पुलिस जांच कर रही है कि कारतूस और कहां-कहां सप्लाई किए गए हैं। सोमवार को एसपी कृष्ण कुमार बिश्नाई ने बताया कि पुलिस ने पटाखा फैक्ट्री संचालित करने वाले मोहम्मद यूसुफ व गुफरान अहमद अंसारी को गिरफ्तार किया है।
आरोपितों के पास से 13 कारतूस, 23 खोखे, कारतूस बनाने का सामान, 130 किलो एल्युमिनियम पाउडर, छह सौ ग्राम गंधक, आधा किलो पोटेशियम नाइट्रेट व सुतली बम वाले 40 किलो पटाखे व अन्य सामान बरामद हुआ है। एसपी ने बताया कि आरोपितों ने दो महीने पहले आशीष बालियान की बजरंग फायर वर्क्स पटाखा फैक्ट्री ठेके पर ली थी।
आरोपित यहां सुतली बम वाले पटाखे बनाते थे। इसी आड़ में उन्होंने कारतूस बनाने का काम भी शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में कारतूस व सुतली बम बनाने लगे। इस धंधे में सऊदी अरब में रह रहा यूसुफ का भाई रिजवान और महाराष्ट्र निवासी अमजद भी शामिल है।
अमजद कच्चा माल उपलब्ध कराता था। बनने के बाद कारतूस व पटाखे मुंबई ले जाता था। गुफरान का भाई रिजवान अंसारी कारोबार में पैसा लगाता था। पूरा लेनदेन उसी के हाथ से होता था। पुलिस आरोपित अमजद की तलाश कर रही है। रिजवान को सऊदी अरब से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
