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बिजनौर में नेशनल हाईवे पर काटीं अवैध कॉलोनियां: 37 प्रॉपर्टी डीलरों को बुलडोजर कार्रवाई का खतरा

By Rajnarayan Kaushik Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 13 Sep 2026 07:09 PM (IST)

बिजनौर में नेशनल हाईवे पर 37 अवैध कॉलोनियों की पहचान की गई है, जिन पर राजस्व विभाग ने जांच शुरू ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. बिजनौर में नेशनल हाईवे पर 37 अवैध कॉलोनियां चिन्हित।

  2. राजस्व विभाग ने प्रॉपर्टी डीलरों से मांगे भूमि संबंधी रिकॉर्ड।

  3. सात दिन में रिकॉर्ड न देने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, बिजनौर। राजस्व विभाग ने नेशनल हाइवे समेत जनपद के प्रमुख मार्गो पर अवैध रूप से विकसित की गई 37 कालोनी की जांच शुरू कर दी। राजस्व विभाग के अफसरों ने संबंधित कालोनाइजर्स से रिकार्ड मांगा है। सात दिन के भीतर रिकार्ड न दिए जाने की स्थिति में इन कालोनियों के ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जाएगी।

नेशनल हाइवे समेत जनपद के प्रमुख मार्गो पर कालोनी विकसित किए जाने से पूर्व संबंधित कालोनाइजर को जिला पंचायत से मानचित्र स्वीकृत कराना होता है। कालोनी विकसित किए जाने से पूर्व भूमि की श्रेणी परिवर्तन यानि कृषि से अकृषि कराया जाना जरूरी है, किंतु इन मार्गों पर विकसित की गई अधिकांश कालानियों के न तो मानचित्र स्वीकृत नहीं हुए और न ही इन कालोनियों की भूमि की श्रेणी परिवर्तन कराया गया।

यह मामला पकड़ में आया, तो जिला पंचायत ने कोतवाली देहात, हल्दौर, नजीबाबाद, किरतपुर, नूरपुर और जलीलपुर क्षेत्र में 37 कालोनी अवैध मिली। जिला पंचायत इन कालोनियों की वास्तविकता का पता लगाए जाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को पत्र भेजा है।

राजस्व विभाग ने इस प्रकरण की जांच शुरू कर दी है। संबंधित तहसील के एसडीएम ने इन सभी कालोनाइजर्स से भूमि संबंधित रिकार्ड मांगा है। राजस्व विभाग के रिकार्ड मांगे जाने के बाद इन कालोनाइजर्स में हड़कंप मचा है। नोटिस में कहा गया कि यदि सात दिन के भीतर संबंधित कालोनी से संबंधित रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया तो ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की अमल की जाएगी। उधर इस संबंध में एडीएम प्रशासन अंशिका दीक्षित का कहना है कि यह मामला संज्ञान में है। सभी एसडीएम को इस प्रकरण में जांच कर कार्यवाही के निर्देश् दिए गए है।