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Ganga Expressway में शामिल हैं बिजनौर के 34 गांव, भूमि अधिग्रहण को किसानों से सहमति पत्र भरवाने की तैयारी शुरू

By Sachin Sharma Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 05 Nov 2026 07:02 PM (IST)

Ganga Expressway: बिजनौर में एडीएम न्यायिक और यूपीडा अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश दिए।

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. अधिकारियों ने कर्मचारियों को किसानों से सहमति पत्र भरवाने के दिए निर्देश।

  2. लेखपालों से कृषकों से मिलकर उनके सहमति पत्र भरवाने पर जोर।

संवाद सहयोगी, चांदपुर (बिजनौर)। चांदपुर तहसील के सभाकक्ष में एडीएम न्यायिक व यूपीडा अधिकारियों ने गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए अधिग्रहण की जाने वाली भूमि के बैनामे कराने के संबध में राजस्व कर्मचारियों को किसानों से सहमति पत्र भरवाने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिग्रहण की जाने वाली भूमि की आधार खतौनी फसली वर्ष 1359 से मिलाने करने के निर्देश भी दिए गए।

गंगा एक्सप्रेसवे तहसील क्षेत्र के ग्राम कस्बा चांदपुर, महमूदपूर कस्बा, खेड़की, सराय स्याऊ, बाजपुर, रोनियां, मलेशिया, मुस्तफाबाद, रूस्तमपुर ढाकी, हिलालपुर, फौजीपुर सहित 34 गावों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए भूमि का चिंहाकन करने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी पकड़ने लगी है।

गुरुवार को अपर जिलाधिकारी न्यायिक शरदपाल व यूपीडा अधिकारी राकेश कुमार गुप्ता ने संबधित क्षेत्र के लेखपालों व राजस्व निरीक्षकों से भूमि का बैनामा कराने के लिए कृषकों के सहमति पत्र भरवाकर जमा करने के साथ ही भूमि संबधी जांच पूरी करने के निर्देश दिए।

अपर जिलाधिकारी ने राजस्व कर्मचारियों से संबधित भूमि के खसरा नंबर का राजस्व रिकार्ड आकार पत्र 41 व 45 के साथ ही फसली वर्ष 1359 आधार वर्ष खतोनी से मिलाने करने के निर्देश दिए। उन्होने बैनामा प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए लेखपालों से कृषकों से मिलकर उनके सहमति पत्र भरवाने पर जोर देते हुए समय से आवश्यक जांच पूरी कर लेने के निर्देश दिए।

बैठक में तहसीलदार धनराज कुमार, आरके धीरज कुमार त्यागी के साथ ही राजस्व निरीरक्षक ज्ञानेन्द्र सिंह, रामचरण सिंह, महेश कुमार व लेखपाल मोहित कुमार, गौरव कुमार, सोपाल सिंह, मदनपाल सिंह, शौकिन, सोनम भारती आदि मौजूद रहे।

करोड़ों रुपये का भुगतान अटका

बिजनाैर। मनरेगा के अंतर्गत मार्च 2025 तक हुए कार्यों का करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हुआ है। शासन ने इन कार्यों का भुगतान स्थलीय जांच के बाद कराए जाने का निर्णय लिया है।

जनपद के सभी ब्लाक में हुए बड़े कार्यो की शत-प्रतिशत जांच संबंधित बीडीओ को सौंपी गई है। इसके बाद डीडीओ, परियाेजना निदेशक डीआरडीए, डीसी मनरेगा और डीसी एनआरएलएम के नेतृत्व में गठित टीमें 50 प्रतिशत कार्यो की जांच करेंगी।

डीडीओ और उनके नेतृत्व में गठित टीम में शामिल अधिकारी गुरुवार को गांव काजीवाला एवं गांव बड़कला में विकास कार्यो की जांच की। टीम ने पूर्व में बनाई गई सड़क व नाली निर्माण की जांच की है। इसके बाद टीम ने ग्राम तरीकमपुर रूपचंद उर्फ टिक्ककोपुर, काजीवाला, सेवारामपुर, बड़कला, चाँदपुर नौआबाद, फरीदपुर काजी आदि का सत्यापन किया।

उधर इस संबंध में डीसी मनरेगा आरबी यादव ने बताया कि जनपद मेंं 2025 तक हुए कार्यों का भुगतान रूका है। सरकार ने स्थलीय जांच के बाद ही भुगतान कराए जाने का निर्णय लिया है। इस वजह ग्राम पंचायताें में हुए विकास कार्यो की जांच की जा रही है।

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