जासं, ज्ञानपुर (भदोही) : किसान सम्मान निधि योजना में अलग-अलग पटलों पर फीडिग में की गई गड़बड़ी के कारण 20 हजार किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम से पकड़ में आने पर उनकी सूची को फिर से ठीक करने का निर्देश दिया है। उप कृषि निदेशक अरविद कुमार ने आधार नंबर आदि को ठीक कराने के लिए विभाग के क्षेत्रीय कर्मियों एवं नजदीकी राजकीय कृषि बीज भंडार में जाकर स्वप्रमाणित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है।

कर्ज के बोझ से दबे किसानों को राहत देने के लिए केंद्रीय बजट में किसानों को छह हजार वाíषक देने की व्यवस्था की गई है। यह धनराशि किसानों को तीन किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त दिसंबर माह से शुरू करने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन की कड़ी मशक्कत के बाद प्रथम चरण में एक लाख छह हजार किसानों की फीडिग की गई थी। पंजीकृत किसानों के सापेक्ष 1.75 लाख किसानों को अब तक योजना का लाभ मिल रहा है। पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से किसान सम्मान निधि में की जा रही धांधली पर नजर रखी जा रही है। कर्मियों की लापरवाही से जिले में अब तक 20 हजार किसानों के बैंक खाता और आधार नंबर आदि सूचना गलत फीडकर दिया गया है। सिस्टम ने ऐसे लोगों की स्क्रीनिग कर सूची से बाहर कर दिया है। उप कृषि निदेशक अरविद कुमार सिंह ने बताया कि निधि में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए सिस्टम लागू किया गया है। बताया कि फीडिग के समय 20 हजार किसानों के आधार और बैंक खाता गलत हो जाने से लाभ नहीं मिल पाया है। इन लाभाíथयों की सूची एक बार कृषि बीज भंडार अथवा क्षेत्रीय कर्मियों को उपलब्ध करा दी गई है। किसान खुद मिलकर उसे दुरुस्त करा लें। जब तक वह अभिलेख की फीडिग सही नहीं करा लेते हैं, तब तक उन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाएगा।

Posted By: Jagran

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