जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : विकास खंड ज्ञानपुर के गांव भिड़िउरा और भिदिउरा दो अलग-अलग गांव हैं। इन दोनों गांवों में अलग-अलग प्रधान भी निर्वाचित हैं। इन दोनों गांव ने जिले से लेकर प्रदेश मुख्यालय तक पेच फंसा दिया है। एक ही डिजिटल कोड आवंटित होने से अभी तक ग्राम प्रधान और सचिव का डिजिटल सिग्नेचर नहीं तैयार हो सका है। यह तो बानगी भर है, इसके अलावा 68 ग्राम पंचायतों में डिजिटल सिग्नेचर तैयार न होने से विकास कार्य बाधित हैं। पीएफएमएस पर संशोधन करने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी बालेशधर द्विवेदी को लखनऊ बुलाया गया है।

ग्रामीण विकास के लिए मिले बजट को पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से ही भुगतान किया जाने का निर्देश जारी किया गया है। 561 गांवों के प्रधान और सचिवों को मिलाकर 1122 डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर्ड होना है, इसमें से 675 ग्राम पंचायतों के डिजिटल सिग्नेचर रजिस्टर्ड हो चुके हैं। 642 गांवों की सिग्नेचर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। 68 ग्राम पंचायतों में डिजिटल सिग्नेचर ने पेच फंसा दिया है। तकनीकी खामियों के चलते इन गांवों में अभी तक सिग्नेचर तैयार नहीं हो पाए है। इसके अलावा प्रिया साफ्ट पर हिसाब न देने पर 65 गांव के प्रधान अभी तक हिसाब नहीं दे सके हैं। पीएफएमएस में आई त्रुटियों को ठीक कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी दो दिनों से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। प्रधान प्रतिनिधि संजय पाठक का कहना है कि त्रुटियों को ठीक कराया जा चुका है। शीघ्र ही डिजिटल सिग्नेचर जारी कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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