जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : बेहद अद्वितीय और अविष्मरणीय पल, आकर्षक ढंग से सजा विभूति नारायण राजकीय इंटर कालेज के मैदान पर स्थित मंडप। एक ओर वैदिक मंत्रों की गूंज तो दूसरी तरफ से सुनाई पड़ती कुरान की आयतें। शहनाई की निकलती सुमधुर धुन के बीच अग्नि की साक्षी मानकर जहां 98 जोड़ों ने एक दूसरे को जीवन साथी के रूप में वरण कर साथ जीने -मरने की कसमें खाई तो कुरान की आयतें पढ़ दो जोड़ों ने निकाहनामे को कबूल किया। मौका था गुरुवार को संपन्न मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह-निकाह के आयोजन का। जैसे ही विवाह व निकाह की रस्में संपन्न हुई, गणमान्य अतिथियों ने बतौर अभिभावक सभी को आशीर्वाद व मुबारकबाद दी। विधायक औराई रवींद्रनाथ त्रिपाठी, डीएम राजेंद्र प्रसाद, एसपी रामबदन सिंह, सीडीओ विवेक त्रिपाठी, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव सहित अन्य अतिथियों ने वर वधुओं को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखमय भविष्य की कामना की। विधायक ने कहा कि शासन ने यह योजना गरीब परिवारों को राहत देने के लिए संचालित की है। सरकार ने उनकी बेटियों की शादी को अपनी जिम्मेदारी समझी है।

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दावत व शहनाई का रहा इंतजाम

- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह-निकाह समारोह के आयोजन में दावत का भी इंतजाम किया गया था। अलग पंडाल में दूल्हा-दुल्हन सहित उनके साथ आए परिजनों व रिश्तेदारों को जलपान कराया गया। इसके साथ ही किसी के मन में यह कसक न रह जाय कि उनकी शादी में बाजे नहीं बजें शहनाई व बैंड पार्टी का भी इंतजाम किया गया था।

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विदाई की बेला भर आई आंखे

- सामूहिक रूप से संपन्न हुए विवाह व निकाह के पश्चात जब दुल्हनों के विदाई की बेला आई तो सभी की आंखें भर आई। बाबुल का साथ छोड़ पिया के घर की ओर रवाना होने लगी बेटियों की जब रुलाई फूटी तो समारोह में मौजूद कोई भी व्यक्ति अपने आपको रोक नहीं पाया। सभी की आंखों से आंसू टपक उठे।

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एक जोड़े को लेकर रही शिकायत

- समारोह के दौरान एक जोड़े की शादी को लेकर यह शिकायत छाई रही कि उनकी शादी गत 14 नवंबर को ज्ञानपुर ब्लाक में आयोजन के दौरान कराई गई थी। जिनका दोबारा पंजीयन कराकर यहां भी शादी करा दी गई। वैसे इस संबंध में समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र यादव का कहना रहा कि ब्लाक में आवेदन आते हैं बीडीओ लाभार्थी का सत्यापन कर सूची देते हैं। उन्हीं के आधार पर जोड़ों की शादी कराई जाती है। समाज कल्याण विभाग केवल समारोह का आयोजन करता है। उधर ज्ञानपुर बीडीओ का कहना रहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। अभिलेख देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।

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दो जोड़ों को नहीं मिला सामान

- सामूहिक विवाह योजना के तहत समारोह में संपन्न दो जोड़ों की शादी के बाद भी उन्हें गृहस्थी का सामना नहीं दिया गया। डीघ ब्लाक के रंगनाथ की आशा से और नीतेश की आंचल से शादी कराई गई। दोनों जोड़ों ने बताया कि उन्हें विभाग की तरफ से फोन आया था कि आज उनकी शादी कराई जाएगी लेकिन शादी के बाद सूची में नाम न होने का हवाला देकर सामान देने से इंकार कर दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि उन्हें ब्लाक कार्यालय की तरफ से जो सूची मिली उन जोड़ों को सामान दिया गया।

Posted By: Jagran

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