जासं, ज्ञानपुर (भदोही) : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने जालसाजी के एक मामले में ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना किए जाने का आदेश थानाध्यक्ष सुरियावां को दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा अजय कुमार बिद निवासी गंगारामपुर थाना दुर्गागंज ने अपने अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद पांडेय व अनिल कुमार सिंह के माध्यम से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। कहा गया कि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी संजय दुबे षडयंत्र की मंशा से वर्ष 2008 में सावित्री बाई फूले बालिका मदद योजना अंतर्गत 25000 रुपये व साइकिल का लाभ दिलाने के लिए कूटरचित अभिलेख के आधार पर श्याम राज बिद को बीपीएल परिवार की सूची में दर्ज कर दिया था। वह पात्र होने का शपथ पत्र देकर योजना का लाभ लिया था। वादी के शिकायती पत्र पर जिलाधिकारी ने जांच कराया तो मामले में धांधली पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक को कार्रवाई के लिए कहा था। कार्रवाई न होने पर वादी ने स्थानीय थाना व एसपी को पत्र भेजकर डीएम के आदेश का अनुपालन का अनुरोध किया। बावजूद इसके कार्रवाई नहीं की गई। थक हारकर वादी ने न्यायालय की शरण ली। मामले में प्रथम दृष्ट्या संज्ञेय अपराध पाते हुए सीजेएम की अदालत ने दोनों आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया है।

Posted By: Jagran

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