जासं, भदोही : मेगा मार्ट में गुरुवार को आयोजित कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की आपात बैठक में चुनाव हारने वाले निर्यातकों पर कालीन उद्योग को हानि पहुंचाने का आरोप लगाया गया। परिषद के चेयरमैन उमर हमीद ने कहा कि प्रशासनिक समिति का चुनाव हारने वाले कुछ निर्यातक राजनीतिक सहयोग लेकर विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) व वस्त्र मंत्रालय के अधिकारियों से अनर्गल शिकायत कर परिषद के कामकाज में बाधा डालने का काम कर रहे हैं। इसके कारण परिषद अपने मूल उद्देश्य से भटक रहा है। बताया कि परिषद की नई टीम के साथ वे उद्योग की विभिन्न समस्याओं के समाधान के प्रयासरत है जबकि कुछ निर्यातकों द्वारा व्यवधान उत्पन्न की जा रही है।

कहा कि निर्वाचन को लेकर की गई विभिन्न शिकायतों व आरटीआई का नियमानुसार जवाब दिया गया है लेकिन इससे परिषद के माध्यम से उद्योग हित में किए जा रहे कार्य प्रभावित हो रहे हैं। परिषद के अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस प्रकार का कृत्य कालीन उद्योग के विकास में बाधक साबित हो रहा है। बताया कि इस संबंध में उन्होंने दिल्ली व शेष भारत के सदस्यों के साथ बैठक कर मंत्रणा कर चुके हैं। यूपी के सदस्यों ने भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का भरोसा दिलाया है। कहा मंत्रालय के सामने सीईपीसी का पक्ष पूरी दमदारी के साथ रखा गया है। कालीन उद्योग के लिए हित में परिषद अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार है। बैठक में परिषद के प्रशासनिक सदस्यों असलम महबूब, श्रीराम मौर्या, अनिल सिंह, दर्शन बरनवाल, फिरोज वजीरी व वासिफ अंसारी थे। उधर सीईपीसी की आपात बैठक के बाद लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह उभर कर सामने आ गई है। हालांकि शिकायत करने वाले किसी निर्यातक का नाम उजागर नहीं किया गया लेकिन कहा जा है कि पूर्व में सदस्य रहे एक निर्यातक द्वारा माननीय के सहयोग से मंत्रालय को पत्र भेजा है।

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