जागरण संवाददाता, भदोही : पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार अंतरप्रांतीय लुटेरा गिरोह के सरगना एवं इनामिया बदमाश रमजान और फईम को कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को जेल भेज दिया गया। इस दौरान कड़ाई से पूछताछ में फईम ने कई राज उगले हैं। मुबंई में हत्या कर 11 साल से वह फरार चल रहा है। आजमगढ़ में भी वह कई लूट की घटना को अंजाम दे चुका है लेकिन पुलिस के पास उसके फोटो तक नहीं है। खास बात यह है कि वह अब तक कभी भी पुलिस के हाथ नहीं लगा।

अपराधियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में पुलिस अब तक सात बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर चुकी है। दो बदमाश तो जेल जाने के बाद भी घुटने के बाल पर चल रहे हैं। अभी तक उनकी गोली नहीं निकल पायी है। 25 जून को चौरी में सराफा व्यवसायी से लूट के बाद वाराणसी के लोहता गांव निवासी रमजान अली और आजमगढ़ के सजनी गांव निवासी फईम की पुलिस तलाश रही थी।

पुलिस उप महा निरीक्षक विंध्याचल मंडल की ओर से पचास-पचास हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। रविवार को भोर में भदोही के मोरवा नदी के पास पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों बदमाशों को ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था।

इस दौरान बदमाश फईम ने कई राज उगले हैं। एसपी डा. अनिल कुमार ने बताया कि फईम बहुत ही शातिर किस्म का बदमाश है। उसके खिलाफ मुंबई में हत्या एवं लूट का मुकदमा दर्ज है। वह वर्ष 2011 से फरार चल रहा तो आजमगढ़ पुलिस उसे 2019 से तलाश रही है। बताया कि उसके दिए गए इनपुट के आधार पर काम किया जा रहा है।

Edited By: Saurabh Chakravarty