जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : विधायक विजय मिश्र की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं। जिला मजिस्ट्रेट आर्यका अखौरी की अदालत ने गुरुवार को विधायक के दो व अन्य के आठ असलहा लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। गोपीगंज पुलिस ने विधायक और पत्नी एमएलसी रामलली और पुत्र विष्णु मिश्र के सात असलहा लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति सितंबर 2021 में की थी। हालांकि यह प्रक्रिया में है। आरोप है कि उनके ऊपर विभिन्न थानों में 78 मुकदमे दर्ज हैं।

गोपीगंज थाने में रिश्तेदार का भवन एवं फर्म हड़पने के आरोप में सितंबर 2021 में मुकदमा दर्ज होने के बाद विधायक पर सामूहिक दुष्कर्म सहित नौ मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसी समय पुलिस की ओर से उनके असलहा लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति की गई थी। इस संबंध में तत्कालीन जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद की ओर से नोटिस जारी करते हुए आपराधिक इतिहास की रिपोर्ट भी तलब की गई थी। एसपी डाक्टर अनिल कुमार ने बताया कि विधायक विजय मिश्रा पर कई आपराधिक मुकदमा दर्ज हैं। उनके लाइसेंसी असलहा को निरस्त करने की रिपोर्ट डीएम के यहां भेजी गई थी। उन्होंने बताया कि विधायक के दो शस्त्र लाइसेंस सहित कुल आठ लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। बताया कि एक अक्टूबर से लेकर अब तक 104 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं।

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जांच हुई तो नप जाएंगे कई अधिकारी

: विधायक विजय मिश्रा पर गोपीगंज थाने में रिश्तेदार की फर्म एवं भवन हड़पने का यह पहला मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके पहले भी उनके खिलाफ विभिन्न थानों में 73 मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमा नए नहीं है फिर भी उन्हें लाइसेंस जारी कर दिया गया। यही नहीं समय-समय पर लाइसेंस का नवीनीकरण भी होता रहा है। यह सब प्रक्रिया पुलिस की रिपोर्ट पर ही होती रही है। अहम सवाल यह है कि असलहा जारी करने वाले अधिकारी और रिपोर्ट करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। जानकारों का कहना है कि जांच हुई तो कई अधिकारी नप जाएंगे।

Edited By: Jagran