जागरण संवाददाता, सीतामढ़ी (भदोही): पहाड़ी और स्थानीय स्तर पर लगातार हो रही बारिश से उफनाई गंगा ने खतरे का अलार्म बजा दिया है। दो दिनों से अचानक हुई जल स्तर में वृद्धि से तटवासियों की नींद उड़ गई है। पांच सेंमीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहे जल स्तर से तटवर्ती गांव के लोगों में दहशत व्याप्त है।

जनपद के तीन विकास खण्ड औराई, ज्ञानपुर, डीघ के अंतर्गत लगभग 45 गांव गंगा नदी के किनारे बसे हुए हैं। इनमे से सीतामढ़ी क्षेत्र के गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा सर्वाधिक बना हुआ है। गंगा की धाराओं से तीन तरफ से घिरा कोनिया क्षेत्र सावन और भादो महीने में नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है और तटवर्ती इलाकों के लोगों की नींद उड़ जाती है। सीतामढ़ी मीटर रीडिग के अनुसार सोमवार को गंगा का जल स्तर 75.070 पर है। अचानक जल स्तर में बढ़ाव से कोनिया क्षेत्र के दर्जनों गांव डीघ,इटहरा, कलिक, मवैया, छेछुआ, भोरा, गजाधरपुर, तुलसीकला, धनतुलसी, भभौरी, बहपुरा, कूडी आदि गांव के लोग दहशत में हैं। इसमें सबसे प्रभावित गांव छेछुआ, गजाधरपुर, तुलसीकला हैं। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया है।

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