जागरण संवाददाता, ज्ञानपुर (भदोही) : सूर्यदेव भले ही दिनों दिन लाल होकर किसानों की अग्निपरीक्षा लें लेकिन तपन से बेपरवाह होकर अन्नदाता गेहूं की फसल की मड़ाई में जुटकर सोना रूपी अन्न को सुरक्षित घरों में पहुंचाने में दिन रात एक कर दिए हैं।

किसानों की व्यस्तता देख यह कहना उचित होगा कि तपन भरी गर्मी में पारा चाहे जिस स्तर पर पहुंच जाए लेकिन किसान सूर्यदेव की अग्निपरीक्षा से विचलित नहीं होने वाले हैं। आलम यह है कि धूप, गर्मी, धूल और गर्दा से बेपरवाह किसान शीघ्रातिशीघ्र गेहूं की फसल मड़ाई कर दाना और भूसा लगे हाथ सुरक्षित घरों तक पहुंचाने में जोर शोर से जुट गए हैं। बीते सप्ताह मौसम के रूठने की वजह से हुई बारिश से घबराए किसान धूप का साथ मिलते ही सारा काम काज छोड़ मड़ाई के कार्यों में परिवार सहित दल बल के साथ लीन हो गए हैं।

मड़ाई को लेकर जहां दूर-दूर तक सीवान में किसानों का हूजूम निकल पड़ा है वहीं चहुंओर थ्रेसर सहित ट्रैक्टर की धड़धड़ाहट दिन रात गूंज रही है। आधुनिक संसाधनयुक्त युग में भी अधिकतर गांव में ट्रैक्टर की उपलब्धता के बावजूद व्यस्त ट्रैक्टर स्वामियों से मड़ाई के लिए किसान मिन्नत करते भी देखे जा रहे हैं। मौसम के उतार-चढ़ाव को देख किसानों की ओर से किसी भी तरह गेहूं की मड़ाई संपन्न कराकर दाना सुरक्षित करने की ललक देखी जा रही है। गेहूं की कटाई तो लगभग समाप्ति की ओर पहुंच चुकी है ¨कतु मड़ाई अभी तक मुश्किल से 50 फीसद ही संपन्न हो सकी है। कयास लगाया जा रहा है कि इसी तरह मौसम का साथ रहा तो अधिक से अधिक एक सप्ताह तक गेहूं मड़ाई कर गेहूं संग भूसा सुरक्षित छांव में पहुंचने पर ही किसान दम लेंगे।

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