जासं, भदोही: रेल विभाग ने डेढ़ माह से परिवर्तित मार्ग से चल रही कामायनी एक्सप्रेस तथा सारनाथ एक्सप्रेस को पुराने रेलखंड पर वापस लाकर जहां यात्रियों को भारी प्रदान कर दी है वहीं वाराणसी-लखनऊ रेलखंड बुधवार को सूना हो गया। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को छोड़कर उक्त मार्ग आधा दर्जन से अधिक ट्रेनों को जहां रद कर दिया गया है वहीं कुछ गाड़ियां परिवर्तित मार्ग चलाई जा रही हैं।

वाराणसी-लखनऊ रेलखंड के उतरेटिया-श्रीराजनगर स्टेशनों के बीच बुधवार से प्रारंभ नान इंटरलाकिग कार्य के मद्देनजर उक्त रेलखंड की ट्रेन परिचालन व्यवस्था प्रभावित हो गई है। वाराणसी से देहरादून को जाने वाली जनता एक्सप्रेस तथा हावड़ा से अमृतसर को जाने पंजाब का परिचालन गत सोमवार से ही रद है जबकि शेष ट्रेनों का परिचालन बुधवार से ठप कर दिया गया। कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जा रहा है।

बुधवार को एकमात्र ट्रेन के रूप में काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को ही रवाना किया गया जबकि इलाहाबाद रेलमार्ग की ट्रेनों का परिचालन सुचारू रूप से हो रहा है।

यात्रियों के लिए राहत वाली बात यह है कि अपरिहार्य कारणों के चलते डेढ़ माह से परिवर्तित मार्ग से चल रही रेलखंड दोनों प्रमुख ट्रेनों सारनाथ एक्सप्रेस व कामायनी एक्सप्रेस की वाराणसी-जंघई रेलखंड पर वापसी हो गई। बुधवार को दोनों का ट्रेनों का परिचालन सुचारू हो गया।

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ट्रेनों की रेलखंड पर वापसी पर मनाया जश्न

परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेनों की वापसी के लिए पिछले कई दिनों से संघर्ष कर रहे कालीन नगरी के युवाओं ने बुधवार को जमकर जश्न मनाया। गाजे बाजे के साथ स्टेशन पहुंचे दर्जनों युवाओं ने स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफार्म तक मिष्ठान वितरण करते हुए लोगों को बधाई दी। इस मौके पर सभासद दानिश सिद्दीकी, रेहान हाशमी, लवकुश जायसवाल, रानू वर्मा, मनोज गुप्ता, जफर आदिल, सैयद शम्स, अखतर अंसारी, टोनी मंसूरी, आदिल सिद्दीकी आदि थे।

Posted By: Jagran