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मुख्यमंत्री ने एक्स पर लिखा - 'भदोही के हुनर को विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही हमारी सरकार'

By Jitendra Upadhyay Edited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 04 Oct 2026 12:10 PM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भदोही में अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का उद्घाटन करेंगे, जहां उन्होंने कहा कि सरकार भदोही के हुनर को ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी ने भदोही कालीन मेले का किया उद्घाटन, बोले- हुनर को मिल रहे नए अवसर।

मुख्यमंत्री योगी ने भदोही कालीन मेले का किया उद्घाटन, बोले- हुनर को मिल रहे नए अवसर।

जागरण संवाददाता, भदोही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार की दोपहर 1.45 बजे अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का उद्घाटन करेंगे। उन्होंने एक्स पर लिखा है कि हमारी सरकार भदोही के हुनर को विकास, बाजार और अवसर के नए द्वार खोल रही है। उत्तर प्रदेश का यूपी का निर्यात 10 वर्षों में 2.27 गुना बढ़कर दो लाख करोड़ के पार पहुंच गया है।

उत्तर प्रदेश आज देश का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य बन चुका है। भदोही के कालीन उद्योग का यूपी के बढ़ते निर्यात में बड़ा योगदान है। भदोही के जिन हाथों ने कालीनों को दुनिया तक पहुंचाया, आज वही हाथ विकास और वैश्विक बाजार से जुड़ रहे हैं। हाथ से बनी भदोही की कालीनों की दुनियाभर में सबसे अधिक मांग है। वैश्विक मंच पर यूपी के हुनर का सम्मान बढ़ा है।

उन्होंने लिखा है कि इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण का शुभारंभ कर कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और उद्यमियों से संवाद करूंगा। भदोही, औराई और ज्ञानपुर को 1340 करोड़ से अधिक की 112 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, लोकार्पण किया जाएगा। सरकार की प्राथमिकता है कि कारीगर के हाथ को सम्मान मिले, उद्यम का विस्तार और युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता है।

विरासत और विकास के संगम से भदोही को समृद्धि की नई पहचान दिलाने का संकल्प भी है। रविवार को चार दिवसीय कालीन मेला इस बार एक साल में एक बार लग रहा है। इसके पूर्व मार्च 2026 में इसे दिल्ली में लगना था लेकिन विश्व में मची उथल पुुथल के कारण यह मेला उस दौरान स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद भदोही में ही इसके लिए विशेष तैयारी की गई।

इस बार के मेले की खास वजह यह भी है कि इसमें ब्रिक्स देश के 106 आयातकों ने पंजीकरण कराया और सभी आयातकों के यहां आने की उम्मीद भी है। ऐसे में यह कालीन मेला और खास बनने जा रहा है। वैसे मेले में 65 देशों के 430 आयातकों ने पंजीकरण कराया है। जबकि एक्सपो मार्ट में 223 निर्यातकों ने अपनी स्टालों पर उम्दा कालीनों का प्रदर्शन किया है।

यहां महंगी कालीन तो हैं ही सस्ती कालीनों का भी प्रदर्शन है। इसका अभिप्राय यह कि भारतीय कालीन पूरे विश्व में अपनी पैठ बनाएं। उधर जानकारों का कहना है कि कालीन मेले को लेकर मुख्यमंत्री भी उत्साहित हैं। व्यापार, रोजगार के क्षेत्र में उनकी रुचि एक्स पर किए गए पोस्ट में स्पष्ट दिखती है।