जासं, भदोही : अस्पताल में मरीजों का शोषण वैसे कोई नई बात नहीं है, वे यह दर्द सालों से भदोही में झेल रहे हैं लेकिन उफ तक नहीं कर रहे हैं। कारण कि प्रशासन बहरा हो चुका है। उसे गलत दिखाई भी नहीं दे रहा है। गड़बड़ चीजों को स्वयं अधिकारी ही बढ़ावा दे रहे हैं। यकीन न आये तो भदोही के राजकीय अस्पताल में गुरुवार को दोपहर जो सीन दिखा, उसे देखकर सोये लोगों की नींद जरूर खुल जायेगी। यहां पर प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके मौर्य के घर पर खाना बनाने और सुबह-शाम झाड़ू लगाने वाले नौकर अरविद मौर्य ने न केवल फर्जी ढंग से मरीज देखे बल्कि सुरेरी के एक पीड़ित रोगी से आंख का इलाज कराने के नाम पर 150 रुपये वसूल भी लिये।

प्रकरण खुलता भी नहीं, अगर मामले की शिकायत पीड़ित ब्रजेश यादव ने भदोही विधायक रवींद्र नाथ त्रिपाठी से न की होती। मामला खुला तो नेत्र सर्जन डा. मौर्य को मरीज के पक्ष में खड़ा होना पड़ा। उनकी तहरीर पर देर शाम कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराया गया है। प्रकरण की जांच भी शुरू हो गई है। बताते हैं कि पकड़ा गया अरविद अपने गांव में मरीजों का गलत ढंग से उपचार भी करता है। आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। फिलहाल अफसर के घर पर चाकरी और सरकारी अस्पताल में वसूली की फर्जी ढंग से नौकरी पाने का मसला पूरे दिन चर्चा में रहा है।

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गजब, आंख की सफाई भी वसूली से

महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में रोगियों के जीवन से खेला जा रहा है। जौनपुर के सुरेरी निवासी रोगी ब्रिजेश यादव ने गोरखधंधे की पोल खोल दी। यहां पर उससे आंख की सफाई कराने के नाम पर रुपये लिये गये थे। मामले से विधायक ने मौके पर ही डीएम और सीएमओ को स्वास्थ्यकर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिये निर्देशित किया था।

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अरविद मौर्या उनके आवास पर बतौर नौकर काम करता है। रोगी से पैसा लेना निदनीय कार्य है। वे इसकी भ‌र्त्सना करते हैं। उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। पुलिस ने अरविद के खिलाफ धोखाधड़ी, छल का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

-डा. वीके मौर्य, नेत्र सर्जन और प्रभारी सीएमएस

Posted By: Jagran

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