भदोही में साइबर ठगी में अजीजुल कबाड़ी का पिता भी शामिल, मुर्शिदाबाद भी जाएगी पुलिस
गोपीगंज में गिरफ्तार साइबर ठग अजीजुल ने कई अहम राज उगले हैं, जिसमें उसके पिता सागर की भी गिरोह में संलिप्तता सामने आई है।

भदोही में साइबर ठगी में अजीजुल कबाड़ी का पिता भी शामिल।
HighLights
अजीजुल 889 मोबाइल और 923 सिम के साथ गिरफ्तार।
साइबर ठगी गिरोह में अजीजुल का पिता सागर भी शामिल।
पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में मुर्शिदाबाद जाएगी।
जागरण संवाददाता, भदोही। गोपीगंज की नई बस्ती से बुधवार को 889 माेबाइल व 923 सिम के साथ गिरफ्तार बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी साइबर ठग अजीजुल ने कई अहम राज उगल दिए हैं। उसका पिता सागर भी इसके गिरोह का सदस्य है, हालांकि और नाम भी सामने आएंगे।
अहम यह कि वह चार साथियों के साथ यहां रहता था, पुलिस छापेमारी में तीन ठग भाग निकले हैं। उनकी गिरफ्तारी को दो टीमें लगी हैं जबकि तीसरी टीम उसकी सात दुकानों के सारे सामानों की जांच पड़ताल कर बरामद सभी सिमों का रिकार्ड एकत्र कर रही है।
पुलिस एक-एक सिम का रिकार्ड, बैंकों से लेनदेन का स्टेटमैंट निकलवा रही है। चोरी हुए या इनके पास आए मोबाइलों के आइएमईआइ (इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी) नंबर जांच कर मोबाइल किसके हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। इसके बाद पुलिस मुर्शिदाबाद भी जाएगी और गिरफ्तारी शुरू होगी।
बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कांटी थाने के सालापाड़ा निवासी अजीजुल ढाई साल से गोपीगंज नई बस्ती में रह रहा था। वह कबाड़ की दुकान से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करता था। इसके यहां से बरामद सभी मोबाइल व सिमकार्ड सक्रिय मिले हैं। इससे यह माना जा रहा कि यह व इसके अन्य साथी पूर्वांचल के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी यह सक्रिय हैं और आमजन से की जा रही साइबर ठगी में संलिप्त हैं।
बंगाल से असेंबल्ड मोबाइल भी आते थे इसके पास
पकड़ा गया अजीजुल चोरी, गुम हुए या छीने गए नए पुराने मोबाइलों को अपने यहां तोड़ कर असेंबल्ड मोबाइल तैयार करता था वहीं बंगाल के मुर्शिदाबाद भेज देता था। वहां से भी इसके पास मोबाइल असेंबल्ड होकर आते थे। इससे यह अपने साथियों को उपलब्ध कराता था।
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बस्ती के लोगों पर भी नजर
पुलिस ने नई बस्ती में बंगाल से आकर ऐसे कितने लोग रह रह हैं, उन पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है। नई बस्ती में बंगाल के लोग चिन्हित होते ही उनसे पूछताछ होगी। वहीं औराई, भदोही, सुरियावां में रह रहे ऐसे लोगों को चिह्नित करने की तैयारी है।
अजीजुल अपने चार साथियों के साथ यहां रहता था। छापेमारी के दौरान तीन भाग गए हैं, उनकी गिरफ्तारी को टीम गठित की गई है। पुलिस एक-एक बिंदु पर काम कर रही है। इसकी तह तक पहुंचने में समय लग सकता है। पर यह तय है कि अजीजुल का नेटवर्क बड़ा है। इसके पिता का नाम सामने आ गया है। सिम व मोबाइलों की जांच के साथ अन्य बिदुओं पर भी काम चल रहा है।
अभिनव त्यागी, पुलिस अधीक्षक
