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भदोही में मुर्शिदाबाद का साइबर ठग गिरफ्तार, 889 मोबाइल और 923 सिम बरामद

By Jitendra Upadhyay Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 09 Sep 2026 06:37 PM (GMT+05:30)

भदोही पुलिस ने मुर्शिदाबाद के साइबर ठग अजीजुल कबाड़ी को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 889 मोबाइल और 923 सिम ...और पढ़ें

भदोही में बड़ा खुलासा: मुर्शिदाबाद का साइबर ठग गिरफ्तार, करोड़ों के लेनदेन का शक।

भदोही में बड़ा खुलासा: मुर्शिदाबाद का साइबर ठग गिरफ्तार, करोड़ों के लेनदेन का शक।

HighLights

  1. मुर्शिदाबाद का साइबर ठग अजीजुल कबाड़ी गिरफ्तार।

  2. 889 मोबाइल, 923 सिम कार्ड बरामद किए गए।

  3. चोरी के मोबाइलों से क्लोन फोन बनाता था।

जागरण संवाददाता, भदोही। सर्विलांस व गोपीगंज पुलिस ने बुधवार को बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के कांटी थाने के सालापाड़ा निवासी साइबर ठग अजीजुल कबाड़ी को गिरफ्तार किया। वह चोरी, छिनैती और गुम हुए मोबाइलों को सस्ते दामों में खरीदकर उसका क्लोन तैयार कर साइबर ठगों को बेचता था। गोपीगंज नगर की नई बस्ती में ढाई साल से किराए पर रह रहा था।

उसके पास से 889 मोबाइल व विभिन्न कंपनियों के 923 सिम बरामद किए। पुलिस ने कुछ सिम की डिटेल खंगाली तो उस पर करोड़ों का लेन देन सामने आया। हालांकि सिमो की जांच के बाद ही से कितने का लेन देन किया गया है यह आंकड़ा स्पष्ट होगा। बताया गया कि इसके तार यूपी के विभिन्न जिलों के साथ बांग्लादेश व अन्य देशों से हैं। यह गोपीगंज में कबाड़ का व्यापारी बना बैठा था और किराए पर ही सात दुकानें भी ले रखी थी, उसमें किसी में गिफ्ट तो किसी में प्लास्टिक के सामान रखे थे।

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने बताया कि पुलिस ने जिन मोबाइलों को बरामद नहीं किया था उसकी सर्विलांस टीम जांच कर रही थी। कुछ मोबाइल, सिम की लोकेशन गोपीगंज नगर में मिल रही थी। गोपीगंज पुलिस ने इसकी गोपनीय जांच की तो अजीजुल स्क्रैब वाले मोबाइलों की खरीद करने वाला निकला। सादी वर्दी में पुलिस टीम ने इसके गोदाम आदि भी देखे। पता चला कि वह कबाड़ की दुकान की आड़ में चोरी व छिनैती के मोबाइलों को साइबर ठगों को उपलब्ध कराने का काम करता है। पुलिस ने गोदाम पर छापा मारा तो मौके से 293 स्मार्टफोन, टैबलेट और 596 की-पैड मोबाइल फोन व विभिन्न कंपनियों के 923 सिम कार्ड के साथ मदरबोर्ड, आइसी, स्क्रीन और चेसिस जैसे मोबाइल स्क्रैप पार्ट्स बरामद किए।

मोबाइल पार्ट्स से तैयार करता क्लोन फोन

एसपी ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया कि कबाड़ और चोरी के मोबाइल फोन सस्ते दामों पर खरीदता था। वह इन पुराने और खराब मोबाइलों से उपयोगी पार्ट्स जैसे मदरबोर्ड, डिस्प्ले और कैमरा अलग कर इन्हें असेंबल करके कस्टमाइज्ड या क्लोन फोन तैयार करता था। मोबाइल और सिम कार्ड अपने साथियों को दे देता था।

गांवों में ठग के लोग करते हैं फेरी
यह सारे मोबाइल प्रयागराज, मीरजापुर, भदोही, वाराणसी समेत अन्य जिलों के लोगों के हैं। ठग ने बताया कि उसके आदमी गांवों में जाकर फेरी करके प्लास्टिक के सामान खरीदते हैं। किसी के घर में टूटा या खराब मोबाइल, टेबलेट, बाल, खराब प्लास्टिक लेकर कटोरी, कुर्सी या अन्य सामान दे देते हैं। इसके अलावा चोरी के मोबाइल, टेबलेट भी खरीदता है। इनमें कुुछ को अपने यहां बनाता है और अधिकांश मुर्शिदाबाद भेज देता है। वहां से यह तैयार होकर उसे वापस मिल जाते हैं और फिर यह अपने साथियों को बेच देता है।

पांच-छह साथी और होने की बात आ रही सामने
इसके पांच-छह और साथी होने की भी बात सामने आ रही है। उसकी पुलिस जांच कर रही है। बरामद सिम के डिटेल खंगालने पर कुछ में जिस तरह लेन-देन की जानकारी मिली उससे लगता है कि इसका बड़ा नेटवर्क है और बड़ी धनराशि का लेनदेन हआ है।