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कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ नौ माह बाद दाखिल की चार्जशीट, आठ अभी भी फरार

Published: Mon, 19 Oct 2026 05:07 PM (IST)

भदोही में कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी मामले में 11 आरोपियों में से तीन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है, जबकि आठ अभी भी फरार हैं।

कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ नौ माह बाद दाखिल की चार्जशीट।

कोडीनयुक्त कफ सीरप मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ नौ माह बाद दाखिल की चार्जशीट।

HighLights

  1. कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी में तीन पर चार्जशीट।

  2. आठ आरोपी अभी भी फरार, 25 हजार का इनाम।

  3. बांग्लादेश तक फैला था अवैध सीरप का कारोबार।

जागरण संवाददाता, भदोही। भदोही में कोडीनयुक्त कफ सीरप के कारोबार से जुड़े 11 लोगाें के खिलाफ 18 नवंबर 2025 के बाद अलग-अलग तिथियों में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इनमें से एसआईटी शैलेंद्र तिवारी, संजीव गुप्ता व विजय गुप्ता को गिरफ्तार कर उनकी चार्ज शीट न्यायालय में दो माह पूर्व दाखिल कर चुकी है। बाकी आठ लोगों का एक साल बाद भी एसआईटी पता नहीं लगा सकी है। उनके ऊपर 25-25 हजार का इनाम घोषित है।

एसआईटी ने दाखिल चार्जशीट में कहा है मामले में कोई गवाह नहीं है पर इनका कनेक्शन बांग्लादेश से जुड़ा है। यह कोडीनयुक्त सीरप यूपी, बिहार से बंगाल होते हुए बांग्लादेश भेजते थे। वहां इसका इस्तेमाल नशे में रूप में होता है।

टीम ने ई-वे बिल, बैंक स्टेटमैंट, बैंक के सीसीटीवी फुटेज, काल डिटेल रिकॉर्ड्स, नकदी जमा पर्ची, बरामद कफ सीरप की फारेंसिक लैब रिपोर्ट, फर्म संचालकों के फर्जी अभिलेखाें पर खोली गई डमी फर्म जिसमें दस करोड़ के कारोबार में दिखाया गया कि यह सीरफ कानून रूप से खरीदी गईं लेकिन किस मेडिकल स्टोर या मरीज को दी गई इसका कोई अभिलेख नहीं है।

लखनऊ निदेशालय से औषधि निरीक्षक संदेश मौर्य ने 17 नवंबर 25 को ईमेल के जरिए सूचना दी कि कानपुर के ट्रांसपोर्ट नगर में ई-321 प्रथम तल पर चल रही फर्म मेसर्स मेगा लाजिस्टिक्स ने 13 जून 2024 से 26 जुलाई 2025 के मध्य 25 इनवाइस में फर्म मेसर्स महेंद्र मेडिकल एजेंसी मर्यादपट्टी को कोडीनयुक्त कफ सीरप और प्रतिबंधित प्यूरोक्सविन के 302 बाक्स की बिक्री की।

निर्देश के क्रम में 18 नवंबर को ड्रग इंस्पेक्टर कुमार सौमित्र ने जिले के मेडिकल स्टोरों की जांच की। इसके बाद 18 नवंबर, 20, 25, 30 नवंबर को औराई, चौरी व भदोही कोतवाली में सात फर्म संचालक समेत 11 लोगों के खिलाफ खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। तहरीर में कहा कि मेसर्स मेगा लॉजिस्टिक्स ने भदोही के 12 थोक दवा व्यवसायियों को 18 लाख 90 हजार शीशी कोडीनयुक्त कफ सीरप फेंसेडिल की बिक्री की गई।

इन फर्मों के नाम बिल तो काटा गया लेकिन सीरप को जौनपुर न भेजकर बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश सहित कई राज्यों में तस्करी की गई। औषधि निरीक्षक ने सात फर्म संचालकों के विरुद्ध तहरीर दी थी।

एसआईटी ने विवेचना के दौरान फरवरी में औराई के माधोसिंह रेलवे स्टेशन के पास से भिखारीदास लेन भारतेंदु भवन वाराणसी निवासी पूर्णा फर्म के संचालक शैलेंद्र तिवारी को गिरफ्तार किया था। उसने 10 करोड़ से ज्यादा के लेनदेन और फर्जी ई-वे बिल बनाने की बात स्वीकार की थी।

13 अप्रैल को महेंद्र मेडिकल एजेंसी संचालक संजीव गुप्ता व विजय गुप्ता को चौरी के मानिकपुर से पुलिस ने आरोपित गिरफ्तार किया था। एसआईटी को लीड कर रहे सीओ राजीव सिंह ने कहा कि 11 में से तीन गिरफ्तार हो चुके हैं, उनके खिलाफ चार्ज शीट दाखिल हुई है।

अब इस मामले को विवेचना सेल देख रहा है। उधर अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि दो माह पूर्व ही चार्ज शीट दाखिल हुई थी। आठ आरोपितों की तलाश की जा रही है। वे भी जल्द गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।