जागरण संवाददाता, चौरी (भदोही) : खुजली हो या फिर पेटदर्द व घुटने का दर्द, सांस लेने में तकलीफ अथवा अन्य बीमारी। फार्मासिस्ट ही स्पेशलिस्ट बन सभी रोगों का इलाज कर रहे हैं। कारण है कि मौजूदा समय में अस्पताल में चिकित्सक के न बैठने से अस्पताल फार्मासिस्ट के सहारे ही संचालित हो रहा है।

ऐसे दौर में जबकि स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर सरकार पानी की तरह धन खर्च कर रही है लेकिन आयुर्वेदिक अस्पतालों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चौरी बाजार में स्थित आयुर्वेदिक अस्पताल में तैनात चिकित्साधिकारी डा. बृजलाल पटेल की कोरोना चेकअप में लगाई गई है। विभिन्न रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की कोरोना जांच के लिए 24 जुलाई को लगी ड्यूटी के बाद से आज तक उन्हें वापस नहीं किया जा सका है। ऐसी स्थिति में अस्पताल में तैनात फार्मासिस्ट ही ओपीडी की कमान संभाले हुए हैं। जबकि अस्पताल में औसतन 40 से 50 मरीज प्रतिदिन उपचार के लिए आते हैं। कुछ मरीज चिकित्साधिकारी के न रहने के चलते बगैर उपचार कराए ही वापस हो लेते हैं। हालांकि फार्मासिस्ट मरीजों को सलाह देने के साथ दवा भी लिखते हैं। क्षेत्रीय मरीजों ने अस्पताल में चिकित्सक को वापस किए जाने की मांग उठाई है। जिससे लोगों को बेहतर उपचार की सुविधा हासिल हो सके।

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