बस्ती: जिले में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। पिछला वित्तीय वर्ष बीते चार माह होने वाले हैं, मगर उसमें स्वीकृत सामुदायिक शौचालयों का निर्माण लक्ष्य के सापेक्ष अभी भी पूरा नहीं हो सका है। 281 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण अभी भी अधूरा है। सामुदायिक शौचालयों के निर्माण की सुस्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सप्ताह भर में महज एक का निर्माण पूरा कराया जा सका है।

जिले में सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में अपेक्षित तेजी नहीं आ पा रही है। लगातार निर्देशों के बाद भी निर्माण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में सरकार ने जिले के सभी 1185 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय स्वीकृत किया गया था। इनमें बहादुरपुर ब्लाक के 86, बनकटी के 86, बस्ती सदर के 102, दुबौलिया के 63, गौर के 108, हर्रैया के 88, कप्तानगंज के 53, कुदरहा के 75, परशुरामपुर के 107, रामनगर के 81, रुधौली के 75, सल्टौवा गोपालपुर के 95, साऊंघाट के 87 और विक्रमजोत के 79 ग्राम पंचायतों सामुदायिक शौचालय का निर्माण होना था। इसमें से अब तक 904 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण पूरा हो चुका है। बस्ती सदर विकास खंड के गौरा प्रथम, खदरा, गौर विकास खंड के खुटहना ग्राम पंचायत के बनकटिया, सल्टौआ गोपालपुर ब्लाक के औड़जंगल, मुडुबरा सहित 281 में अभी भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका है। बाहर से रंगरोगन, अदंर न सीट लगा न फर्श बना

सल्टौआ गोपालपुर ब्लाक अंतर्गत औड़जंगल ग्राम पंचायत के दुर्गापुर गांव में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया है। बाहर से रंग रोगन कर उसे पूर्ण दिखा दिया गया है, जबकि अभी भी शौचालय का निर्माण अपूर्ण है। अंदर झांकने पर न फर्श दिखता है और न ही टायलेट में शीट। इतना ही नहीं शौचालय की साफ सफाई के लिए स्वयंसहायता समूह की महिलाकर्मी को तैनाती के साथ ही मानदेय का भी भुगतान भी कर दिया गया है।

शिवशंकर सिंह, डीपीआरओ ने बताया कि जिले में कुल 904 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। वहीं स्वयंसहायता समूहों की महिलाओं को 747 सामुदायिक शौचालय हस्तांतरित कर दिया गया है। रही बात औड़जंगल के अधूरे सामुदायिक शौचालय को पूरा दिखाने की तो इसकी जांच कराई जाएगी।

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