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बस्ती की सरयू नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल पर मंडराता खतरा, लगातार हो रही मौतें

Published: Mon, 09 Mar 2026 11:30 AM (IST)

बस्ती की सरयू नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल की मौजूदगी पर्यावरण प्रेमियों को खुशी देती है, लेकिन इनकी लगातार मौतें ...और पढ़ें

दुबौलिया क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे मृत मिली डॉल्फिन। -फाइल फोटो

 दुबौलिया क्षेत्र में सरयू नदी के किनारे मृत मिली डॉल्फिन। -फाइल फोटो

HighLights

  1. सरयू नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल की मौजूदगी पाई गई।

  2. दो बार मृत मिली डॉल्फिन, पोस्टमार्टम में घायल होने की पुष्टि।

  3. शिकार या चोट से मौत की आशंका, सुरक्षा पर उठे सवाल।

जागरण संवाददाता, बस्ती। जिले के एक बड़े हिस्से से होकर गुजरने वाली सरयू नदी में डॉल्फिन और घड़ियाल की मौजूदगी पाई गई है। इनकी मौजूदगी दुबौलिया क्षेत्र के सेरवा घाट से लेकर दलपतपुर गांव के बीच अक्सर पाई जाती है। हालांकि दो बार नदी के किनारे मृत मिली डॉल्फिन की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सरयू नदी में घड़ियाल और संरक्षित राष्ट्रीय जलीय जीव डाल्फिन दिखाई पड़ते हैं। इनकी मौजूदगी से जहां पर्यावरण प्रेमी खुश हैं तो इनमें मृत मिलने से चिंतित भी हैं। नदी किनारे दो बार डॉल्फिन के मृत मिलने से उनके शिकार की भी आशंका जताई जाती रही है।

दिसंबर 2023 में दुबौलिया के चांदपुर घाट के पास सरयू नदी में डॉल्फिन मृत पाई गई थी। तीन सदस्यीय पशु चिकित्सकों की टीम द्वारा उसका पोस्टमार्टम कराने के बाद वन विभाग ने नदी किनारे ही उसका दाह संस्कार कर दिया था।

वहीं फरवरी 2024 में भी बिसुन्दासपुर की अनुसूचित बस्ती के निकट डॉल्फिन मृत अवस्था में पाई गई। दोनों के पोस्ट र्माटम रिपोर्ट से उनके घायल होने की पुष्टि हुई थी। यह घायल कैसे हुईं यह अब तक रहस्य बना हुआ है।

कुछ ग्रामीणाें का मानना है कि इन पर शिकारियों ने हमला किया होगा तो कुछ का कहना है बंधे के किनारे बोल्टर के पास लोहे के तार लगे हैं जिससे घायल होकर उनकी मृत्यु हो गई।

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नवंबर 2021 में दुबौलिया के टकटकवा गांव के पास और जून 2024 में कटरिया चांदपुर तटबंध के पास व दलपतपुर गांव के निकट भी एक-एक घड़ियाल मृत अवस्था में पाया गया था। जनवरी 2023 में चांदपुर गांव के पास विद्यालय परिसर में, अप्रैल 2023 में कटरिया चांदपुर तटबंध के खलवां गांव के पास, छह माह पूर्व कलवारी रामपुर तटबंध के पास जबकि जनवरी 2026 में भी नदी में डूबे एक युवक के सर्च अभियान में दौरान सरयू में घड़ियाल दिखा।

पर्यावरण प्रेमी राहुल पटेल, अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि डाल्फिन और घड़ियाल की मौजूदगी से खुशी तो है, मगर इनकी मृत्यु को लेकर चिंता भी है। वन विभाग को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

डॉल्फिन के शिकार पर होने वाली विधिक कार्यवाही
डॉल्फिन का शिकार गैर-कानूनी है और वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत एक गंभीर अपराध है। इन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-I में शामिल किया गया है, जिसके तहत शिकार पर भारी जुर्माना और कैद की सजा हो सकती है।


राष्ट्रीय जलीय जीव डॉल्फिन का सरयू नदी खासकर दुबौलिया क्षेत्र में मिलना स्वच्छ नदी व बेहतर पर्यावरण का संकेत है। रही बात डाल्फिन के शिकार की तो वन विभाग के संज्ञान में ऐसा कोई मामला अब तक नहीं आया है।