बस्ती: कप्तानगंज थाना क्षेत्र के इटहिया गांव निवासी रामराज उर्फ गम्मज हत्याकांड में गिरफ्तार अभियुक्तों को पीटने और उनको अपमानित करने के विरोध में सोमवार को विभिन्न संगठनों के लोगों अर्धनग्न प्रदर्शन का एलान किया था। सुबह आठ बजे ही संगठनों के लोग बीएसए कार्यालय परिसर में इकट्ठा हुए। इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने पहरा लगा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक व आंदोलनकारियों के बीच लंबी वार्ता के बाद 12 बजे सड़क पर उतरे, लेकिन पुलिस ने फिर उन्हें रोक दिया।

गम्मज हत्याकांड में आरोपितों को पीटने और उनका जनेऊ तोड़वाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को अर्धनग्न प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। इसको देखते हुए सुबह से ही कोतवाली, वाल्टरगंज, गौर, हर्रैया और महिला थाने की फोर्स बीएसए कार्यालय पर पहुंच गई। उनके साथ ही एएसपी पंकज, सीओ सिटी गिरीश कुमार सिंह और सीओ हर्रैया एसपी सिंह भी मौजूद थे। बीएसए कार्यालय में मौजूद आंदोलनकारियों से एएसपी ने बात की और बताया कि प्रशासन ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। ऐसे में सड़क पर विरोध प्रदर्शन की बजाए ज्ञापन देकर अपनी मांगों को रखें। दिए ज्ञापन में हत्याकांड की सीबीआइ, सीआइडी या एसआइटी जांच कराने और अपमानित करने के मामले में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की गई है। पत्रक सौंपने के बाद आंदोलनकारी सड़क पर उतर गए, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इस मौके पर परशुराम सेना के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी, ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कल्याण प्रसाद तिवारी, कटरा कुटी के स्वामी चिन्मयानंद दास, पूर्व एमएलसी नागेंद्र प्रसाद त्रिपाठी, सवर्ण सेना के अध्यक्ष अभयदेव शुक्ल, इंद्रप्रकाश शुक्ल, नंदीश्वरदत्त ओझा, व्यापारी नेता सुभाषचंद्र शुक्ल, सुरेंद्र शुक्ल, हरिओम त्रिपाठी, हरीश शुक्ल, मनीष त्रिपाठी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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