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बस्ती में कुआनो नदी के उफान से श्मशान घाट डूबा, वन विहार में पानी घुसा; फसलें बर्बाद

Published: Wed, 14 Oct 2026 10:17 AM (IST)

कुआनो नदी में उफान से बस्ती-गनेशपुर मार्ग के किनारे बंधा कट गया है, जिससे मूड़घाट शमशान घाट पूरी तरह डूब गया है और दाह संस्कार में परेशानी हो रही है।

बस्ती में कुआनो नदी के उफान से श्मशान घाट डूबा।

बस्ती में कुआनो नदी के उफान से श्मशान घाट डूबा।

HighLights

  1. कुआनो नदी के उफान से बस्ती-गनेशपुर मार्ग का बंधा कटा।

  2. मूड़घाट शमशान घाट पूरी तरह डूबा, दाह संस्कार में बाधा।

  3. वन विहार में पानी घुसा, कई गांवों की धान की फसलें जलमग्न।

जागरण संवाददाता, बस्ती। कुआनो नदी के उफान से बस्ती-गनेशपुर मार्ग के किनारे स्थित बंधा कट जाने से नदी का पानी सड़क से सटकर बह रहा है। कुछ पानी नदी से सटे संत रविदास वन विहार केंद्र में भी प्रवेश कर गया है, मगर इससे अभी वहां कोई नुकसान नहीं हुआ है।

वहीं मूड़घाट स्थित शमशान घाट पूरी तरह से डूब गया है। ऐसे में दाह संस्कार के लिए आने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। नदी के किनारे स्थित गांव के लोगों की धान की फसल डूब गई हे।

कुआनो नदी के पानी में बढोत्तरी से उसके तटीय इलाके प्रभावित हुए हैं। शहर से सटे ग्राम पंचायत मूड़घाट का शवदाह स्थल डूब चुका है। बस्ती शहर के सर्वाधिक लोग मृतकों का दाह संस्कार करने यहीं आते हैं। ऐसे में पानी भरा होने से उन्हें शवदाह करने में दिक्कतें आ रही है।

वहीं नदी के किनारे स्थित कई विद्युत पोल का भी काफी हिस्सा में पानी में डूब गया है। मूड़घाट पुल के नीचे स्थित मंदिर परिसर में भी पानी भरा हुआ है। नदी की उफान से मूड़घाट,ढोरिका,डेरवा, शेखुपुरा, धोबहिया, डमरुआ, बन्धुआ, मिश्रौलिया, मैनसिर, रघुनाथपुर,बक्सई ,बाघा कांडर सहित कई अन्य कई गांवों के लोगों की धान की फसल में पानी भर गया है।पानी जल्द नहीं उतरा तो फसल नष्ट हो जाएगी।

वहीं क्षेत्रीय वन अधिकारी शकील ने बताया कि वन विहार केंद्र के चारो तरफ बंधा बनवाया गया है। ऐसे में नदी के पानी का रिसाव होकर वन विहार में पहुंच रहा है,मगर इससे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

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