सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, दादागिरी से नहीं', बस्ती में बोले असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बस्ती में कहा कि सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, दादागिरी से नहीं, और समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू होनी चाहिए।

सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, दादागिरी से नहीं: हिमंत बिस्व सरमा।
HighLights
सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, दादागिरी से नहीं।
समान नागरिक संहिता पूरे देश में लागू होनी चाहिए।
दिल्ली विरोध प्रदर्शनों को हिमंत बिस्वा सरमा ने नकारा।
जागरण संवाददाता, बस्ती। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा रविवार शाम करीब 5:30 बजे तेलियाजोत गांव पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी की दिवंगत मां यशोदा देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने दिल्ली में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि विपक्ष के साथ पांच से दस हजार लोगों का जुटना कोई बड़ी बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के समर्थन में इससे कहीं अधिक लोग हैं। कहा कि जब भाजपा के लोग भी सभी जिलों में निकलेंगे, तब दोनों पक्षों की ताकत की तुलना स्पष्ट हो जाएगी।
पवन खेड़ा के वोट चोरी के आरोपों और अभियान के जरिये सत्ता परिवर्तन के दावे पर उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन वोट से होता है, नेतागिरी या दादागिरी से नहीं। जो लोग दादागिरी के जरिये सत्ता परिवर्तन की सोचते हैं, उन्हें बांग्लादेश या नेपाल जाना चाहिए।
यूजीसी से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और उम्मीद है कि इसका उचित समाधान निकलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी और सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसी के साथ अन्याय नहीं करेंगे।
यूसीसी को बताया जरूरी
समान नागरिक संहिता पर उन्होंने कहा कि इसे पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। असम में इसे अधिसूचित किए जाने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता से महिलाओं को समान अधिकार मिलेंगे। उनके अनुसार, बहुविवाह जैसे मुद्दों पर एक समान कानून होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम महिलाओं में भी यूसीसी की मांग है।
असम में हुए लोकसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम महिलाओं ने भाजपा को वोट दिया। उन्होंने कहा कि कई सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक होने के बावजूद भाजपा को कांग्रेस से अधिक वोट मिले। उनके अनुसार, महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए ही असम में यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
कोलकाता में हुए हादसे का जताया दुख
कोलकाता में हुए हादसे को दुखद बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए तत्काल कदम उठाए और प्रभावित लोगों के उपचार की व्यवस्था की। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए भी जरूरी इंतजाम किए गए हैं। हादसे दुखद होते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से उठाए गए त्वरित कदम लोगों को राहत देने और उनके दुख को कम करने में मदद करते हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री गंगा समग्र प्रयागराज रामाअशीष, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान, उत्तराखंड के सह प्रभारी अरविंद मेनन, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्यअर्चना मिश्रा, विधायक सिवान करनजीत सिंह, मेयर लखनऊ सुषमा खर्कवाल, पूर्व मंत्री स्वाति सिंह, प्रदेश मंत्री रजनी पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष हापुड़ रेखा नागर, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, अनिल दूबे आदि ने श्रद्धांजलि दी।
