बस्ती : स्वास्थ्य विभाग में लिपिक संवर्ग में बड़े पैमाने पर हुए स्थानांतरण के खिलाफ यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन का धरना-प्रदर्शन व कार्य-बहिष्कार लगातार तीसरे दिन भी गुरुवार को जारी रहा। कर्मियों ने गलत तरीके से किया गया स्थानांतरण तत्काल निरस्त करने की मांग की।

प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के लिपिक संवर्ग के सभी कर्मचारी कार्य-बहिष्कार पर हैं। सीएमओ कार्यालय के समक्ष धरना देकर स्थानांतरण को लेकर आवाज बुलंद की। संगठन ने चेताया है कि अगर उनकी बात नहीं मानी जाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शिवचंद्र मिश्रा ने की। कहा कि हमारा विरोध स्थानांतरण को लेकर नहीं है, लेकिन स्थानांतरण नियम विरुद्ध किया गया है, जिससे कर्मी आक्रोशित हैं।

संगठन के मंत्री भागवत प्रसाद चौधरी ने कहा कि संगठन का मानना है कि निदेशक प्रशासन की ओर से बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है। उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकार को तबादला आदेश निरस्त करना चाहिए। कहा कि 26 जुलाई को महानिदेशालय का घेराव किया जाएगा। इसके बाद कर्मचारी मुख्यमंत्री कार्यालय लोकभवन की ओर पैदल मार्च करेंगे। 27 जुलाई से पूरे प्रदेश में अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। संरक्षक अशफाक अहमद ने कहा कि यदि किसी अधिकारी द्वारा कार्यमुक्त किया जाता है तो दो चरण के बजाए सौ फीसद कर्मियों को एक साथ करें। दिनेश कुमार, सतानंद त्रिपाठी, राकेश कुमार चौधरी, प्रमोद कुमार मिश्रा, योगेंद्र प्रसाद, दिनेश कुमारा, पीएन चौधरी, संजय सिंह, हरिनाथ वर्मा, रामशंकर पाल, राधेश्याम पाल, आशुतोष दूबे, आकाशदीप श्रीवास्तव, काशी प्रसाद, अशोक कुमार चौधरी, गिरजेश कुमार, मनोज कुमार श्रीवास्तव, पंकज शर्मा, चंद्रेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।