बस्ती में 6 एकड़ में सिमटे स्टेडियम में बदहाली का 'खेल', कहीं टूटी नेट तो कहीं बंद पड़ा ओपन जिम
बस्ती के अमर शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुविधाओं की कमी और बदहाली का सामना करना पड़ रहा है। ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
मैदान छोटा होने से एक साथ खेल संभव नहीं।
बारिश में जलभराव, कोच और उपकरणों की कमी।
सांसद खेल महाकुंभ से स्टेडियम को गति मिली।
जागरण संवाददाता, बस्ती। अमर शहीद सत्यवान सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में का खेल मैदान अपेक्षाकृत छोटा है। यदि ग्राउंड में क्रिकेट चल रहा हो तो फुटबाल, हॉकी जैसे खेल संभव नहीं है। इसी तरह यदि फुटबाल और हॉकी जैसे खेल चल रहे हों तो क्रिकेट की प्रतियोगिता संभव नहीं है। अन्य स्टेडियमों में जहां एक साथ कई खेल छात्रावास संचालित हो रहे हैं। वहीं यहां मात्र एक छात्रावास फुटबाल के लिए संचालित है।
क्रिकेट, बैडमिंटन, कबड्डी, वॉलीबॉल, ताइक्वांडो आदि खेलों के प्रशिक्षक नहीं है। ग्राउंड में वर्षा होते पानी भर जाता है। जिससे खिलाड़ियों का खेलना संभव नहीं हो पाता है। स्टेडियम में 400 मीटर दौड़ के लिए आठ लेन में धावकों के दौड़ने की सुविधा नहीं है।
अयोध्या में बना स्टेडियम जहां 42 एकड़ में फैला वहीं बस्ती का स्टेडियम में मात्र छह एकड़ में बना है। इसी में कार्यालय भवन, छात्रावास, इनडोर हाल, दर्शकों के बैठने के लिए स्टेयर आदि का निर्माण हुआ है। इस समय बास्केटबाल, फुटबाल, हॉकी, कुश्ती, हैंडबाल और एथलेटिक्स खेलों का प्रशिक्षण खिलाड़ियों को दिया जा रहा है।
पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयास से सांसद खेल महाकुंभ के आयोजन होने से स्टेडियम के विकास को गति मिली। जिसके तहत यहां 4.07 करोड़ के मेंटनेंस कार्य कराए गए हैं। दो हाईमास्ट लगने के साथ ही विभिन्न भवनों का सौन्दर्यीकरण कार्य कराया गया है। फुटबाल छात्रावास का निर्माण, इनडोर स्टेडियम का जीर्णोद्धार कार्य सहित अनेक कार्य कराए गए हैं।
छात्रावास के सामने लटक रहा तार
नवनिर्मित छात्रावास के सामने ट्रांसफार्मर से जुड़ा तार लटक रहा है। इस तार के नीचे से ही छात्र, कोच सभी आते जाते हैं। तार इनडोर स्टेडियम के एक कक्ष में गया है। जहां इसे व्यवस्थित करने की जगह फर्श पर जैसे-तैसे छोड़ दिया गया है। परिसर में बिछाए गए तार जमीन के अंदर न होकर नाली पर रखी लोहे की जाली से ले जाए गए हैं । जो कभी भी खतरा का कारण बन सकते हैं।
क्रिकेट में कोच न होने से क्षतिग्रस्त हुई अभ्यास जाली
स्टेडियम में छात्रावास के दूसरी तरफ क्रिकेट का प्रशिक्षण देने के लिए दो पक्का व एक कच्चा प्लेटफार्म बनाया गया है। जो जाली से घेरा गया है। क्रिकेट में कोच काफी दिनों से नहीं हैं। जिससे जाली व पाइप टूटकर जमीन पर गिरा पड़ा है।
ओपन जिम का नहीं कोई पुरसाहाल
पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के प्रयास से ओपन जिम का निर्माण कराया गया है। शुरुआती दौर पर जिम उपकरण को लोग लाभ उठाते रहे हैं। धीरे-धीरे यह उपकरण टूट गए। मरम्मत के मद में विभागीय बजट न हाेने से उपकरण बेकार पड़े हैं।
खेल मैदान में भर जाता पानी
स्टेडियम ग्राउंड काफी नीचा है। कंपनीबाग चौराहे से शास्त्री चौराहा जाने वाली सड़क और दूसरी तरफ सदर तहसील मार्ग की तरफ से पानी स्टेडियम में घुस जाता है। हल्की वर्षा होते परिसर में पानी भर जाता है। पानी जबतक सूख न जाए कोई खेल संभव नहीं हो पाता है।
स्टेडियम में विभिन्न जीर्णोद्धार कार्य कराए गए हैं। ग्राउंड में पानी भरने की समस्या को देखते हुए मिट्टी पटाई का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है। लगभग 3.33 करोड़ रुपये से मिट्टी पटाई और रेलिंग, गेट आदि ऊंचा करने का कार्यदायी संस्था ने प्रस्ताव दिया है। शासन से धन आते ही कार्य शुरू कराए जाएंगे। उपलब्ध संसाधनों से खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास रहता है। -दिलीप कुमार, क्रीड़ाधिकारी।
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