जब भाई पर आई मुसीबत, तब बहन बनीं संजवीनी; बिना झिझक अपनी किडनी देकर बचाई जिंदगी
बस्ती में एक बहन ने अपने गंभीर बीमार भाई की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी, जिससे भाई-बहन के रिश्ते में त्याग की मिसाल कायम हुई।

अमरनाथ चौधरी एवं उनकी बहन आरती चौधरी
HighLights
बहन ने गंभीर बीमार भाई को अपनी किडनी दान की।
लखनऊ के मेदांता अस्पताल में सफल प्रत्यारोपण हुआ।
भाई-बहन दोनों अब स्वस्थ होने की ओर अग्रसर हैं।
कृष्ण दत्त द्विवेदी, बस्ती। भाई-बहन का रिश्ता यूं तो बचपन की शरारतों और स्नेह से जुड़ा होता है, लेकिन जब भाई की जिंदगी पर संकट आया तो बहन ने अपने त्याग से इस रिश्ते की मिसाल पेश कर दी।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे भाई की जिंदगी बचाने के लिए बहन ने अपनी एक किडनी दे दी। सफल प्रत्यारोपण के बाद भाई अब स्वस्थ होने की ओर बढ़ रहा है।
दुबौलिया के डेईडीहा गांव निवासी 50 वर्षीय अमरनाथ चौधरी की तबीयत लगातार बिगड़ती देख परिवार में चिंता का माहौल था। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने किडनी प्रत्यारोपण की सलाह दी। ऐसे कठिन समय में जब हर कोई चिंतित था, 53 वर्षीय बड़ी बहन आरती चौधरी ने बिना देर किए अपने भाई के लिए किडनी देने का फैसला किया। उसके इस निर्णय ने परिवार के लोगों की आंखें नम कर दीं।
बहन का कहना था कि भाई की जिंदगी से बढ़कर उसके लिए कुछ भी नहीं है। बचपन से जिस भाई के साथ सुख-दुख बांटा, उसकी जिंदगी बचाने का मौका मिला तो वह पीछे कैसे हट सकती थी। लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में किडनी प्रत्यारोपण की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हुई।
ऑपरेशन के बाद भाई और बहन दोनों की स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। परिवार के लोगों ने चिकित्सकों का आभार जताते हुए कहा कि बहन ने अपने त्याग से भाई को सिर्फ किडनी नहीं, बल्कि जिंदगी की नई उम्मीद दी है। बहन का यह कदम भाई-बहन के पवित्र रिश्ते में त्याग, प्रेम और समर्पण की ऐसी मिसाल बन गया है, जिसे परिवार शायद जीवनभर नहीं भूल पाएगा।
यह है अमर नाथ चौधरी की पारिवारिक स्थिति
अस्पताल में भर्ती 50 वर्षीय अमर नाथ चौधरी की 53 वर्षीय बड़ी बहन आरती चौधरी का विवाह कप्तानगंज थाना क्षेत्र के खजुहा गांव में राम उग्रह चौधरी के साथ हुआ है। पति राम उग्रह चौधरी दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं।
आरती चौधरी को एक बेटा और एक बेटी है। आरती के तीन भाई हैं। अमरनाथ चौधरी तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं, बड़े भाई बनारसी चौधरी घर पर रहकर खेती का काम देखते हैं और मझले भाई जगदीश चौधरी गाजियाबाद में रहते हैं।
अमरनाथ चौधरी के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अतुल चौधरी इसी वर्ष नीट परीक्षा उत्तीर्ण किया है, जबकि छोटा बेटा आदेश चौधरी बीटेक कर रहा है। वहीं पत्नी शांति देवी ग्राम पंचायत की प्रधान थी जो अब प्रशासक के रूप में गांव पंचायत का कार्य देख रही हैं।
