जासं, बस्ती : किसानों को गन्ने की बेहतर उपज दिलाने के लिए शासन की मुहिम अब रंग लाने लगी है। शरदकालीन गन्ना बोआई के लक्ष्य के तहत किसानों को अनुदान पर गन्ने की आपूर्ति कर चीनी मिल मुंडेरवा उपज बढ़ाने पर जोर दे रही है। जिसके तहत चीनी मिल मुंडेरवा की कार्यदायी संस्था एलएसएस ने प्रथम चरण में 6 लाख 10 हजार गन्ने के बीज की आपूर्ति की है।

उत्तर प्रदेश चीनी एवं गन्ना विकास निगम लिमिटेड की मुंडेरवा इकाई की स्थापना के बाद से तीसरी पेराई सत्र शुरू होने को है। चीनी मिल की प्रत्येक दिन 50 हजार क्विंटल की पेराई क्षमता है। इसके अनुपात में गन्ने की आपूर्ति एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। जिसे हासिल करने के लिए शासन ने मिल की कार्यदायी संस्था लिनिग सिक्यूरिटी सर्विस (एलएसएस) को जिम्मेदारी दी है। जिसके तहत गन्ने के पैदावार बढ़ाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने व खेती की तकनीकी जानकारी के लिए गांव स्तर पर सुपरवाइजर की तैनाती की गई है। इस क्रम में गन्ना शोध केंद्र सेवरही व शाहजहांपुर से कार्यदायी संस्था एलएसएस ने 6 लाख 10 हजार गन्ने की गांठ की आपूर्ति की गई। जिसमें उन्नत प्रजाति कोशा. 13235 की 1 लाख 63 हजार 3 गांठ, कोल.14201 की 79 हजार 634 गांठ, कोशा. 8272 की 2 लाख 17 हजार 700 व को. 0118 की 1 लाख 50 हजार 263 गन्ने की गांठ आपूर्ति की गई।

उप महाप्रबंधक ओपी पाण्डेय का कहना है कि पूर्व में गन्ने की नर्सरी तैयार कर बोआई करने से बीज की कम खपत होने के साथ ही बेहतर उपज भी मिलती है। एक हेक्टेयर में आमतौर पर 25 हजार बीज की खपत होती है। किसानों को अनुदान पर बीज की आपूर्ति कर कम लागत में बेहतर उपज दिलाने के लिए विभाग द्वारा हर संभव मदद किया जा रहा है।

Edited By: Jagran