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बस्ती में भूमि विवादों का होगा निस्तारण, सभी थानों पर दर्ज होंगे लेखपालों के नाम

Published: Wed, 19 Aug 2026 03:34 PM (IST)

बस्ती मंडल में भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब सभी थानों में ...और पढ़ें

दारोगा व लेखपाल मिलकर बनाएंगे भूमि-विवाद से संबंधित रिपोर्ट। जागरण

दारोगा व लेखपाल मिलकर बनाएंगे भूमि-विवाद से संबंधित रिपोर्ट। जागरण

HighLights

  1. मंडल के सभी थानों में दर्ज होंगे लेखपालों के नाम।

  2. प्रत्येक माह थाना समाधान दिवस में लेखपालों की मौजूदगी अनिवार्य।

  3. भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण हेतु नई व्यवस्था लागू की गई।

ब्रजेश पांडेय, बस्ती। मंडल के सभी थानों में अब क्षेत्रीय लेखपालों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज होंगे। प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चौथे शनिवार को थाना समाधान दिवस में लेखपालों की मौजूदगी अनिवार्य होगी, जो सामने आए भूमि विवाद के प्रकरण में संबंधित बीट दारोगा के साथ मौके पर जाएंगे और नक्शा नजरिया, फोटो सहित व्यापक रिपोर्ट तैयार करेंगे। दोनों पक्षों में यदि मौके पर सुलह हो जाता है तो ठीक है, नहीं तो वे विवाद का हल होने तक पाबंद किए जाएंगे।

आयुक्त वैभव श्रीवास्तव ने भूमि विवादों को लेकर अच्छी पहल की है। इस व्यवस्था से आम जनमानस को अपने क्षेत्र के लेखपाल के नाम की जानकारी सरलतापूर्वक हो सकेगी। इस दिन लेखपाल एवं राजस्व निरीक्षक की उपस्थिति अनिवार्य होगी। ऐसे राजस्व लेखपाल जिनका क्षेत्र समीपवर्ती दो थाना क्षेत्रों में पड़ता है, उनकी ड्यूटी क्रम से लगाई जाएगी।

यानी वह पहले दिवस में एक थाना तो दूसरे दिवस में दूसरे थाना पर मौजूद रहेंगे। विकास विभाग, विद्युत आदि जनहित से संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध रहने का निर्देश दिया है। तीनों जिलाधिकारियों को लिखे पत्र में आयुक्त ने कहा है कि शासन के दिशा-निर्देश के क्रम में थाना दिवस में गुणवत्ता पूर्ण सुनवाई की जाए और भूमि विवाद के मामलों का निस्तारण त्वरित किया जाए। मौके पर पुलिस के साथ राजस्व की टीम भी रहेगी।

दरअसल, पिछले दिनों मुख्यमंत्री के वीडियो कान्फ्रेंसिंग में प्रदेश के सभी आयुक्त और जिलाधिकारियों को भूमि-विवादों को कम करने के निर्देश दिए गए थे। जिसके तहत निवर्तमान आयुक्त अखिलेश सिंह ने भूमि विवाद समाधान अभियान की पहल की थी। धरातल पर इसका कुछ खास असर नहीं दिखा। इसके बाद अब नए सिरे से यह व्यवस्था बनाई गई है। राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में बढ़ रहे विवाद और संभावित हिंसा रोकने के लिए यह पहल कारगर साबित हो सकती है।

पैकौलिया के जीतीपुर में बीते वर्ष भूमि विवाद को लेकर किशोरी की हत्या हुई थी। बाद में अतिक्रमण हटाया गया था। अब राजस्वकर्मी और पुलिस मौके पर ही नक्शा-नजरिया के साथ रिपोर्ट बनाएंगे। जिसकी प्रतिलिपि दोनों पक्षों को दी जाएगी। रिपोर्ट आधी अधूरी नहीं बल्कि बिन्दुवार पूरी बात लिखनी होगी।

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राजस्व से जुड़े किसी भी विवाद में अकेले न तो लेखपाल जाएंगे और न कोई पुलिस कर्मी।मंडल में करीब दस हजार ऐसे मामले हैं, जिनका निस्तारण लंबित है। कुछ मामले तहसीलों के न्यायालय तक पहुंचे हैं तो कुछ तहसीलदार ,नायब तहसीलदार व राजस्वकर्मी लटका कर रखे हैं।

भूमि विवाद प्रकरण में पंजीकृत मामले

जनपद  वर्ष 2025 वर्ष 2026-31 जुलाई तक
बस्ती   343 269
संतकबीर नगर 278  175
सिद्धार्थनगर   127 80
कुल   748 524

सभी थानों में क्षेत्रीय लेखपाल के नाम अंकित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे पीड़ित को सुविधा हो और संयुक्त टीम मौके पर जाए। भूमि विवाद के किसी भी मामले में पुलिस और राजस्वकर्मी एक साथ जाएंगे और उन्हें भूमि की चौहद्दी, नक्शा, फोटो सहित पूरी रिपोर्ट लगानी होगी। इस रिपोर्ट की कांपी थाने और संबंधित तहसील में भी रखी जाएगी, जिससे किसी भी व्यक्ति के साथ गलत न होने पाए।

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-वैभव श्रीवास्तव, आयुक्त बस्ती मंडल

राजस्व के मामलों में हिंसा रोकने के लिए तीनों जिले के कप्तान को निर्देशित किया गया है कि वह आयुक्त के आदेश के क्रम में थानों पर लेखपालों के नाम अंकित करा लें। किसी भूमि विवाद में कोई भी उपनिरीक्षक या थानेदार लेखपाल को लेकर ही मौके पर जाएंगे। वहां प्रमुख बिन्दुओं पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट लगाएंगे। लेखपाल की रिपोर्ट के बाद उप निरीक्षक का उस पर हस्ताक्षर भी होगा, जिसकी प्रतिलिपि दोनों पक्षों को दी जाएगी। दूसरा पक्ष यदि मानता नहीं है तो उसे पाबंद किया जाएगा।

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-संजीव त्यागी, डीआइजी बस्ती रेंज