बस्ती में कुआनो नदी का बढ़ता जलस्तर, कछुआड़ गांव में कटान का खतरा
बस्ती में कुआनो नदी का जल स्तर बढ़ने से कछुआड़ गांव के लोगों को कटान का डर सता रहा है, ...और पढ़ें

मौके पर निरीक्षण करते अधिकारी। जागरण
HighLights
कुआनो नदी का जल स्तर बढ़ने से कटान का डर।
कछुआड़ गांव में प्राचीन मंदिर, स्कूल को खतरा।
पूर्व विधायक ने बाढ़ खंड से बचाव की मांग की।
संवाद सूत्र, रखौना, बस्ती। कुआनो नदी का जल स्तर बढ़ने से कुदरहा ब्लाक के कछुआड़ गांव के लोगों को घाट पर कटान होने का डर सताने लगा है। गुरूवार को क्षेत्र के पूर्व विधायक भी ग्रामीणों की समस्या को सुनने पहुंचे। वह मौका देखने के बाद बाढ़ खंड के अधिकारी से बात कर इसे कटान से सुरक्षित रखने को कहा।
पिछले वर्ष कुआनो नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद कछुआड़ घाट पर कटान शुरु हो गया था। नदी ने प्राचीन काली मंदिर को अपनी धारा में समा लिया था। प्राथमिक स्कूल और प्राचीन शिव मंदिर तक नदी की कटान पहुंच चुकी थी। ग्रामीणों को डर है कि इस बार भी यदि नदी ने कटान किया तो इन दोनों की अपने आगोश में ले लेगी।
प्राचीन पीपर का पेड़ भी नदी में चला जाएगा। वह वर्षा शुरु होने से पूर्व ही कटान से बचाव की मांग कर रहे हैं। इनकी बातों को सुनने पूर्व विधायक रवि सोनकर कछुआड़ घाट पर पहुंचे।
ग्राम प्रधान अजीत पाल ने पूर्व विधायक को बताया कि पुल निर्माण के समय इसका निरीक्षण करने तत्कालीन डीएम रवीश गुप्ता आए थे। ग्रामीणों के कहने पर वह कटान को देखा था। बाढ़ खंड को बचाव की व्यवस्था करने के लिए भी कहा था। फिर भी यहां कोई बचाव कार्य नहीं कराया गया। इस मौके पर राम उजागिर निषाद, राजेंद्र निषाद, गिरजेश चंद्र पाल, प्रशांत पाल, इंद्रजीत, अमरनाथ व विजय पाल सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे ।
