बस्ती में अचानक तबीयत बिगड़ने से महिला सिपाही की मौत, पुलिस लाइन में दी गई अंतिम विदाई
बस्ती में लालगंज थाने में तैनात महिला आरक्षी केसरी वर्मा का अचानक तबीयत बिगड़ने से निधन हो गया। उनके पति ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
महिला आरक्षी केसरी वर्मा का बस्ती में निधन।
पति ने इलाज हेतु अवकाश न मिलने का आरोप लगाया।
उच्चाधिकारियों ने अवकाश न देने के आरोप की जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, बस्ती। अचानक तबीयत बिगड़ने से महिला आरक्षी की मृत्यु हो गई। मृतक आरक्षी केसरी वर्मा वर्ष 2018 बैच की आरक्षी थीं। वह जिले के लालगंज थाने पर तैनात रहीं। मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के वारखोरी गांव की रहने वाली थीं। करीब दो वर्ष पहले उनका विवाह आरक्षी नागेंद्र वर्मा से हुआ था।
दोनों की तैनाती लालगंज थाने में थी। कुछ दिन पहले आरक्षी केसरी अवकाश लेकर प्रतापगढ़ स्थित अपने मायके गई थीं। 22 अगस्त को छुट्टी समाप्त होने के बाद वह बस्ती लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दुर्घटना होने से उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। प्रतापगढ़ में उपचार के दौरान सिर में चार टांके लगाए गए। उपचार कराने के बाद वह बस्ती लौटीं और ड्यूटी ज्वाइन कर ली थीं।
शनिवार को अचानक भोर में करीब तीन बजे आरक्षी की तबीयत बिगड़ने लगी तो तत्काल उनके पति कांस्टेबल नागेंद्र वर्मा एवं थाने के अन्य कर्मचारी के सहयोग से जिला चिकित्सालय जनपद बस्ती लाया गया जहां पर जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। प्रभारी निरीक्षक लालगंज दिनेश चन्द्र चौधरी थाना स्टाफ के साथ जिला चिकित्सालय पहुंचे। नियमानुसार पंचायतनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।
पति ने अवकाश नहीं मिलने का लगाया आरोप
सीओ कलवारी व प्रभारी सीओ रुधौली बृजेश सिंह ने बताया कि मृतक आरक्षी केसरी वर्मा के पति आरक्षी नागेंद्र वर्मा ने एसपी आफिस के स्टाफ पर इलाज के लिए अवकाश नहीं देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उनके प्रार्थना पत्र की जांच उच्चाधिकारी के आदेश पर आरंभ कर दी है। अगर अवकाश देने में लापरवाही की बात सामने आती है। तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस में दी गई अंतिम विदाई
पुलिस लाइन में दिवंगत महिला आरक्षी केसरी के पार्थिव शरीर पर पुलिस अधिकारियों पुष्प चक्र अर्पित किया। इसके पुलिस स्टाफ की ओर से शोक सलामी देकर पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी गई। मौजूद शोक संतप्त स्वजन से मिलकर उन्हें अधिकारियों ने ढांढस बंधाया।
