बस्ती: आदेश न मानने पर बिजली विभाग के XEN और SDO को 3-3 माह की सजा, 35 साल बाद जिले में पहला ऐसा फैसला
बस्ती जिला उपभोक्ता आयोग ने न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता और उप खंड अधिकारी को तीन माह की सजा सुनाई है।

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
विद्युत विभाग के दो अधिकारियों को तीन माह की सजा।
न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर हुई कार्रवाई।
बस्ती उपभोक्ता आयोग के 35 साल में पहली सजा।
विधि संवाददाता, बस्ती। न्यायालय के आदेश का अनुपालन न करने पर जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश अमर जीत वर्मा, सदस्य अजय प्रकाश सिंह ने अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय एवं उप खंड अधिकारी भानपुर को तीनमाह की सजा सुनाई है।
आयोग ने प्रत्येक को 25,000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उपभोक्ता अदालत के 35 साल के इतिहास में पहली बार किसी को सजा सुनाई गई है।
भानपुर निवासी मानवेंद्र सिंह ने संजीव कुमार भट्टाचार्य एडवोकेट के माध्यम से उपभोक्ता अदालत में 2024 में मुकदमा दाखिल किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार वह राहुल आटो मोबाइल का प्रोपराइटर है,और इस फर्म के लिए कनेक्शन ले रखा था, जिसके मीटर और बिल दोनों में खराबी आने पर 9 जनवरी 2024 को शिकायतकर्ता ने विभाग में शिकायत की।
तीन महीने का बिल 59,000 रुपये भेजा गया। उसे भी जमा कर दिया। उसके बाद में मई का बिल 8566 रुपये आया। शिकायतकर्ता ने पोर्टल पर शिकायत की, तो बकाया बिल 62,143 दिखने लगा। तब विवश होकर के अदालत में मुकदमा दाखिल किया।
दोनों पक्ष की बात सुनने के बाद अदालत ने अपने आदेश एक जनवरी 2026 के द्वारा अप्रैल 2024 के बाद के सभी बिल निरस्त कर दिया और विद्युत विभाग पर 1,20,000 रुपये हर्जाना लगाया। 45 दिन के अंदर अदालत ने आदेश का अनुपालन करने के लिए कहा।
45 दिन में अनुपालन न होने पर 12 प्रतिशत ब्याज देने का भी आदेश में उल्लेख था। अधिशाषी अभियंता व उनके मातहत ने न्यायालय के आदेश का पालन नहीं किया। तब मानवेंद्र सिंह ने इजरा वाद दाखिल किया,उसमें भी न्यायालय का आदेश न मानने पर धारा 72 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकीर्ण वाद दाखिल किया गया।
न्यायालय ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध जमानतीय वारंट भेजा, जिसको उन्होंने तामील कर लिया था। इसके बाद भी वे न तो न्यायालय में उपस्थित हुए न ही न्यायालय के आदेश का पालन किया। विद्युत विभाग द्वारा प्रायः अदालत के आदेश की अवमानना कई मामलों में की जा रही थी, इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों अधिकारियों को धारा 72 में प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए न्यायालय ने दंडित किया है।
सुनवाई की अगली तारीख 20 अक्टूबर तय की गई है। स्थानीय जनपद में 1991 में उपभोक्ता फोरम की स्थापना की गई थी, जो बाद में उपभोक्ता आयोग बन गया, परंतु 35 साल में कभी भी किसी को दंडित नहीं किया गया था।
