किराये पर केंद्र सरकार की योजना, बस्ती में 26 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' अपनी छत को मोहताज
बस्ती जिले में 26 आयुष्मान आरोग्य मंदिर अभी भी किराए के भवनों से संचालित हो रहे हैं, जबकि 230 केंद्रों ...और पढ़ें
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विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, बस्ती में कुल 256 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं।
HighLights
बस्ती में 26 आयुष्मान आरोग्य मंदिर किराए के भवन में।
कुल 256 में से 230 केंद्रों के पास सरकारी भवन।
सीएमओ ने खुद के भवन के लिए शासन को लिखा पत्र।
जागरण संवाददाता, बस्ती। जिले के 26 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को खुद का भवन नसीब नहीं हो सका है। यह अभी भी किराये के भवन में संचालित हो रहे है। इन्हें खुद के भवन का इंतजार है।
ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही प्राथमिक उपचार मिल सके इसके लिए सरकार ने आयुष्मान का आरोग्य मंदिर स्थापित कराया। इन पर सीएचओ की तैनाती की गई। यहां पर रोगियों की शुगर, बीपी व बुखार जैसी सामान्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। सर्दी, खांसी, डायरिया (दस्त), त्वचा रोग की मामूली जांच भी व्यवस्था ग्रामीणों को मिलने लगी। कैंसर की स्क्रीनिंग, गर्भवती महिलाओं की एंटीनेटल केयर, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, बच्चों में कुपोषण और विकास की जांच सीएचओ करती है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जनपद में कुल 256 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इनमें से 230 केंद्रों के पास तो अपना खुद का सरकारी भवन है, जहां ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहे हैं। लेकिन शेष 26 केंद्रों को अभी सरकारी छत नसीब नहीं हो सकी है।
करीब 10 से 12 आरोग्य मंदिर ऐसे हैं, जिनके पास अपना सरकारी भवन तो है, लेकिन वे खाली पड़े हैं। दरअसल, संबंधित सीएचओ अपनी सुविधा के अनुसार अपना स्थानांतरण किराये के भवनों में चल रहे आरोग्य मंदिरों में करा लिया है। ऐसे में इन केंद्रों की उपयोगिता साबित नहीं हो पा रही है
सीएमओ डॉ. राजीव निगम ने कहा कि 230 आयुष्मान आरोग्य मंदिर सरकारी भवन में संचालित हो रहे हैं। जो किराए पर संचालित हो रहे है, उन्हें खुद के भवन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।