बस्ती : पशुपालन को समृद्ध जीवन का आधार बनाना होगा। सदियों से देश में पशु पालन की मजबूत परंपरा है। समय के साथ स्थितियां बदलीं और पशु उपेक्षा का शिकार होते गए। प्रदेश सरकार गो वंश संरक्षण और पशुपालन को रोजगार से जोड़ने को प्रतिबद्ध है। यह बात सदर विधायक दयाराम चौधरी ने कही। वह साऊंघाट विकास खंड के हर्रैया मिश्र गांव में पशुपालन विभाग द्वारा आयोजित गोष्ठी और पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला एवं शिविर को संबोधित कर रहे थे। विधायक ने कहा कि दूध की मांग बढ़ी है और किसान पशुपालन करके दुग्ध उत्पादन बढ़ाकर अपनी स्थिति बेहतर बना सकते हैं। बीमार पशुओं का त्वरित इलाज हो और पशु पालकों को उन्नत नस्ल के गोवंश, भैंस मिलें इस दिशा में सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। डेयरी के लिये भी योजनाएं हैं, किसानों को इसका लाभ उठाना चाहिए। पशु चिकित्सक डा. अश्विनी कुमार ¨सह ने पशु धन बीमा, कामर्शियल बर्ड लेयर फार्मिंग आदि की जानकारी दी। 224 पशुओं का उपचार किया गया। डा. जीएम अंसारी, डा. मनीष कुमार, डा. विष्णु प्रताप ¨सह, डा. रामजी यादव, डा. सुनीता श्रीवास्तव, सुशील कुमार शुक्ल, राजकुमार शुक्ल, अजय कुमार श्रीवास्तव, प्रधान फूलचंद मिश्र, चंद्रमणि पाठक मौजूद रहे।

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