बस्ती : होली पर्व के मद्देनजर शासन-प्रशासन के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिलेभर में औचक जांच कर खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए थे। नमूनों की जांच खाद्य प्रयोगशाला लखनऊ भेजी गई थी। अब जब रिपोर्ट आई तो विभाग भी भौंचक रह गया। जिन सात नमूने की रिपोर्ट मिली, जिसमें सभी फेल हो गए हैं। रिपोर्ट से होली में मिलावटी खाद्य सामग्री खपाने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है।

होली से पहले अभिहित अधिकारी अपूर्व श्रीवास्तव की अगुवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुशील कुमार मिश्र, खाद्य सुरक्षा अधिकारी गीता त्रिपाठी, मुकेश कुमार, नरेंद्र प्रताप सिंह, जयप्रकाश ने औचक छापेमारी कर 25 नमूने एकत्र किए थे। सात नमूनों की जांच रिपोर्ट विभाग को सौंप दी गई है, जिसमें बेसन, कराची हलवा, बर्फी, नमकीन, किसमिस, मैदा खाद्य पदार्थ मिसब्रांडेड निकले। विभाग ने हनुमान प्रसाद गौर, विमल कुमार गौर, नरायनपुर जिनवा बस्ती, हनुमान सल्टौआ, पवन कुमार हास्पिटल चौराहा, अवधराज मूड़घाट को नोटिस जारी किया है। अभिहित अधिकारी ने कहा अभी सात नमूने की रिपोर्ट मिली है। संबंधित को संचालकों को नोटिस जारी जवाब मांगा गया है। 30 दिवस के भीतर दोबारा जांच के लिए दुकानदार प्रत्यावेदन दे सकते हैं। इसके बाद एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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मिसब्रांडेट खाद्य पदार्थ खाने पर सूख जाता है शरीर

जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डा. रामजी सोनी कहते हैं कि मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थ के सेवन से शरीर सूख जाता है। फूड प्वाइजनिग, उल्टी-दस्त, डायरिया और पेट दर्द की शिकायत बनी रहती है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि पदार्थ के अधिक सेवन से मृत्यु भी हो सकती है। मिलावटी खाद्य सामग्री शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह है।

Posted By: Jagran

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