जागरण संवाददाता, बरेली : श्यामा प्रसाद मुखर्जी योजना में चयनित होने के बाद उड़ला जागीर क्लस्टर में दो करोड़ रुपये से बिजनेस डवलपमेंट सेंटर बनाया जाना है। यहां विभिन्न प्रशिक्षण भी दिलाए जाएंगे। साथ ही अपना पोर्टल बनाकर उस पर जरी जरदोजी व अन्य उत्पाद अपलोड करके ऑनलाइन मार्केटिंग की जाएगी। सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने योजना के तहत बुलाई गई बैठक में अफसरों को इस पर जल्द काम शुरू करने को कहा।

उड़ला जागीर क्लस्टर के लिए बजट स्वीकृत होते ही अब अफसर गांवों में विकास की उड़ान भरवाने में जुट गए हैं। बुधवार को विकास भवन सभागार में डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में योजना को परवान देने को बैठक बुलाई गई। इसमें चयनित 13 ग्राम पंचायत व 18 राजस्व गावों के प्रधान व अधिकारियों को बनाई गई योजना के अनुसार मिले बजट की जानकारी दी गई। सीडीओ ने कहा, आठ ग्राम पंचायतों में जरी जरदोजी व्यवसाय के लिए वर्क शेड बनाया जाएगा, जो सोलर पैनल से रोशन होगा। ई-कॉमर्स सेंटर के रूप में वर्कशेड डवलप किए जाएंगे। साथ ही एक बिजनेस डवलपमेंट सेंटर बनाना है। यह सदारतपुर में प्रस्तावित है।

20 लाख से बनेगा पशुपालक शेड

गांव में सभी पशुओं को एक स्थान पर बांधने की व्यवस्था की जाएगी, जहां उन्हें उपचार आदि की सुविधा भी दिलाई जाएगी। क्लस्टर में 20-20 लाख रुपये से पशुपालक शेड बनाया जाएगा।

21 को मंडी की दुकानें कराई जाएंगी आंवटित

सब्जी व्यवसाय को बढ़ावा देने को मंडी में समितियों का विस्तार होगा। नरियावल की मंडी में दुकानों को आंवटित किया जाए। 21 मार्च को आंवटन व इनायत खां क्षेत्र में दूसरी मंडी भी जल्द शुरू की जाए। वहीं किसानों को भंडार गृह की समस्या से न जूझना पड़े, इसलिए क्षेत्र में 17-17 लाख रुपये से दो कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। हॉर्टिकल्चर विभाग को दो पॉली सेंटर भी बनवाने होंगे। स्वास्थ्य विभाग को पदारथपुर व परतासपुर में करीब नौ लाख की लागत से दो हेल्थ सेंटर तैयार कराने के निर्देश दिए।

20 लाख से कस्तूरबा के बहुरेंगे दिन

क्षेत्र के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय पर 20 लाख रुपये खर्च करके उसमें आरओ सिस्टम लगवाकर उसमें पेयजल व्यवस्था, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब तैयार होंगे। साथ ही क्लस्टर के आंगनबाड़ी को पीलीभीत के नंद घर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। परिषदीय स्कूलों में फर्नीचर, डिजिटल पढ़ाई की व्यवस्था कराई जाएगी।

बस स्टैंड पर खर्च होंगे तीन लाख

ग्राम पंचायतों में बैट्रीचलित ई -बस, रिक्शा तथा ऑटो रिक्शा भी चलाए जाएंगे, जहां तीन लाख रुपये से बस स्टैंड तथा 75 हजार रुपये से ऑटो रिक्शा का स्टैंड तैयार कराने की जिम्मेदारी परिवहन निगम को सौंपी है। परिवहन निगम के अधिकारियों से सर्वे की जानकारी की गई तो वह लड़खड़ा गए। इस पर सीडीओ नाराज हो उठे। उन्होंने गांव में जाकर लेखपाल को रोडवेज के अधिकारियों के साथ स्टैंड बनाए जाने को जगह तलाशने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत कूड़े के प्रसंस्करण की व्यवस्था की क्लस्टर में की जाएगी। गांवों के आसपास 30-30 लाख की लागत से यूनिट तैयार की जाएगी। गांवों के अंदर तीन-तीन लाख रुपये खर्च करके सामुदायिक बॉयो शौचालय का निर्माण कराया जाएगा।

12 लाख से बनाया जाएगा पार्क

क्लस्टर के दो गांवों में 12-12 लाख रुपये के तीन पार्क भी बनाए जाएंगे। यहां जॉगिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। साथ ही हरी भरी घास व बैठने की इन पार्क में व्यवस्था की जाएगी।

By Jagran