बरेली, जेएनएन : ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अब कृषि सखी रफ्तार देंगी। इसके लिए हर ग्राम पंचायतों में कृषि सखी नियुक्त की जाएंगी। इस मॉडल को भोजीपुरा ब्लॉक में सबसे पहले लागू किया जाएगा।

घर को संभालने के साथ अब महिलाएं खेती भी संभालेंगी। इसके लिए आजीविका मिशन विभाग ने एक मॉडल तैयार किया है। इस मॉडल को लागू करने के लिए भोजीपुरा ब्लॉक का चयन किया गया है। यहां पर सबसे पहले 15 ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा। हर ग्राम पंचायत से 35-35 महिला किसानों का चयन किया जाएगा। इन महिलाओं में जो सबसे सक्रिय महिला होगी। उसे कृषि सखी के तौर पर नियुक्त किया जाएगा।

कृषि सखी को कार्य के हिसाब से मानदेय भी दिया जाएगा। इसके साथ इन कृषि सखी को प्रशिक्षण दिया जाएगा जो अपनी ग्राम पंचायत की महिला किसानों को खेती की तकनीकी से प्रशिक्षित करेगी। नकदी और जैविक का प्रशिक्षण

इन महिला किसानों को नकदी और औषधीय खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें वह फसलें शामिल होंगी, जिनकी मार्केट में डिमांड है। खासकर गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, कालीमिर्च, कौंच जैसी औषधीय चीजें तैयार की जाएंगी। वहीं जैविक खेती का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ इन्हें प्रेरणा टूल बैंक के जरिए कृषि यंत्र भी दिए जाएंगे। दी जाएगी आर्थिक मदद

वहीं इन महिलाओं को कन्वर्जेंस के जरिए आर्थिक मदद भी मुहैया कराई जाएगी। जिससे खेती में पैसी की कमी आड़े न आए।

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हम इस मॉडल को भोजीपुरा में लागू करने जा रहे हैं। बाद में धीरे धीरे इसे दूसरे ब्लॉक में भी लागू किया जाएगा। इससे स्थानीय औषधि उत्पाद तैयार होंगे।

- अतुल कुमार सिंह, जिला मिशन प्रबंधक

Edited By: Jagran