बरेली, जेएनएन। बरेली में महीने भर के अंदर एक आइपीएस अधिकारी के कार्यक्षेत्र में तीन बार बदलाव कर दिया गया। इसका प्रमुख कारण किला विवाद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता की पिटाई प्रकरण को माना जा रहा है।दरअसल, संघ कार्यकर्ता की पिटाई के मामले को लेकर सत्तारुढ़ दल भाजपा और संघ कार्यकर्ताओं ने अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।इसके बाद आइपीएस अधिकारी के कार्यक्षेत्र में लगतातार बदलाव किया जा रहा है।सोमवार रात को एक बार फिर उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया।

एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने साेमवार रात तीन क्षेत्राधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव कर दिया। इसमें सबसे चौकाने वाला नाम आइपीएस साद मियां का है। एक माह के भीतर साद मियां के कार्यक्षेत्र में तीसरी बार बदलाव किया गया, जो चर्चा का विषय बना हुआ है। किला विवाद और सुभाषनगर में संघ कार्यकर्ता की पिटाई मामले में भाजपा व संघ के पदाधिकारियों ने साद मियां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था।

किला विवाद में तो साद मियां के कार्यक्षेत्र में बदलाव नहीं किया गया लेकिन, संघ कार्यकर्ता की पिटाई प्रकरण के कुछ समय बाद साद मियां को 19 मई को क्षेत्राधिकारी दि्वतीय से स्थानांतरित कर क्षेत्राधिकारी प्रथम की जिम्मेदारी दी गई थी। संघ की नाराजगी के बाद अगले ही दिन 20 मई को साद मियां के कार्यक्षेत्र में फिर बदलाव कर दिया गया और उनका स्थानांतरण निरस्त कर सीओ बहेड़ी की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

बहेड़ी की जिम्मेदारी संभाले हुए उन्हें अभी 15 दिन ही बीते थे कि उनका एक बार फिर स्थानांतरण कर दिया गया। साद मियां को अब क्षेत्राधिकारी तृतीय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। क्षेत्राधिकारी तृतीय श्वेता यादव को क्षेत्राधिकारी अपराध बनाया गया है। वहीं क्षेत्राधिकारी अपराध अजय कुमार गौतम को क्षेत्राधिकारी बहेड़ी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। स्थानांतरण के संबंध में एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि स्थानांतरण सामान्य प्रक्रिया के तहत किए गए हैं।

Edited By: Samanvay Pandey