जेएनएन, बरेली। जौनपुर में चार पादरियों के धर्मातरण के मामले में पकड़े जाने के बाद यहां भी वार्न बेबी फोल्ड संस्था पर शिकंजा कसने की तैयारी है। अनाथ और गरीब बच्चों का धर्मातरण कराने का संदेह बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष निरीक्षण के दौरान जता चुके हैं। प्रशासन ने संस्था से सभी बच्चों की धर्मवार सूची तलब की है। जल्द ही बच्चों और उनके परिवारवालों से पूछताछ को जा सकती है। आयोग भी मामले पर नजर रखे हुए है। पिछले दिनों आयोग की टीम ने दौरा भी किया था।

वार्न बेबी फोल्ड का मामला पांच सितंबर को संज्ञान में आया था। तब शहर आए बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता ने संस्था का निरीक्षण किया था। यहां उन्हें बच्चों से बातचीत के दौरान संस्था पर धर्मातरण कराने का संदेह हुआ था। सभी बच्चों को महज ईसाई धर्म के बारे में ही जानकारी थी। उनके नाम पूछे तो उनमें ज्यादातर ईसाई नहीं थे। उन्होंने जिला प्रोबेशन अधिकारी नीता अहिरवार को संस्था में रह रहे सभी बच्चों का नाम, पता, उनके धर्म, माता-पिता की जानकारी एकत्रित कर मामले की जांच के आदेश दिए थे।

प्रशासन ने जब बच्चों का डाटा मांगा तो पहले संस्था प्रबंधन ने अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश कर धर्म संबंधी जानकारी छुपा ली। सख्ती के बाद उन्होंने दो दिन पहले बच्चों की धर्मवार सूची उपलब्ध कराई। डीपीओ नीता अहिरवार के अनुसार, जल्द ही बच्चों के माता-पिता से मिलकर यह पता लगाया जाएगा कि क्या वे जन्म से ही इसाई हैं। या संस्था के संपर्क में आने के बाद धर्म परिर्वतन किया है।

Posted By: Jagran

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