बरेली, जेएनएन। Vishwa Hindu Parishad protest at Bareilly Collectorate : बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार और धार्मिक स्थल क्षतिग्रस्त करने के विरोध में बुधवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की महानगर इकाई ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। विहिप पदाधिकारियों ने प्रशासनिक अधिकारी के जरिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार रोकने के लिए बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाने की मांग की है।

महानगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल समेत अन्य विहिप पदाधिकारियों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए बताया कि पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू व सिखों के विरुद्ध जघन्य अत्याचारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। पिछले एक सप्ताह में बांग्लादेश में कई हिंदुओं की हत्या हुई। महिलाओं से ज्यादती करने के साथ ही 150 से ज्यादा मां दुर्गा पूजा के पांडाल तहस-नहस करने के साथ ही धार्मिक स्थलों में जबरन घुसकर भगवान की मूर्तियों को खंडित किया गया। बावजूद इसके बांग्लादेश सरकार आंख बंद कर बैठी है।

विश्व हिंदू परिषद ने एसीएम प्रथम के जरिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नाम पर भेजे ज्ञापन में हिंदुओं पर हो रहे आक्रमण तथा अत्याचार रोकने हेतु कड़े कदम उठाने तथा बांग्लादेश से इन घटनाओं को रोकने के लिए दबाव बनाने की मांग केंद्र सरकार से की है। जिससे इन देशों में पीड़ित अल्पसंख्यक हिंदुओं को न्याय व सुरक्षा मिल सके। वहीं जिनके जान-माल का नुकसान हुआ है, उनके स्वजन को उचित मुआवजा देने। आरोपितों को चुन-चुन कर गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाने की मांग की है। जिससे शेष बचे हिंदुओं के मानवाधिकारों की रक्षा व जीवन जीने के अधिकार मिलें।

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को तुरंत करें बंद : बांग्लादेश के कई हिस्सों में पिछले पांच दिनों में दुर्गा पूजा, पिंटालो, मंदिरों, अल्पसंख्यकों के घरों व प्रतिष्ठानों पर हमले हुए हैं, जिससे वहां हिंसा फैली हुई है। घटना के खिलाफ दरगाह आला हजरत से जुड़े तंजीम उलमा ए इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल में इस तरह की तोड़फोड़ करना और उत्पात मचाना बहुत घिनौनी और आपत्तिजनक बात है। अल्पसंख्यकों हमला संविधानिक व मौलिक अधिकारों के खिलाफ है।

बांग्लादेश की सरकार इसे तत्काल रोके। मौलाना ने बंगलादेश के मुसलमानों को नसीहत देते हुए कहा कि इस्लाम इस तरह की गलत हरकत करने की इजाजत नहीं देता है। इस्लाम सच्चाई, इंसाफ, हकपसंदी और आपसी भाईचारे की शिक्षा देता है। इन घटनाओं से इस्लाम और मुसलमानों की छवि धूमिल हुई है। मौलाना ने कहा कि इस्लामी इतिहास इस बात का गवाह है कि मुस्लिम शासन काल में अल्पसंख्यकों की जान- माल, इज्जत व आबरू की रक्षा की जिम्मेदारी हुकूमत और आम मुसलमानों की हुआ करती थी। मौलाना ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजिद से अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले रोकने और जो संगठन इसमें लिप्त हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Edited By: Samanvay Pandey