बरेली, जेएनएन। UP Vidhansabha Election 2022 : पिता, पार्टी, सियासत के बीच फंसी भाजपा सांसद ने फेसबुक पर पोस्ट के जरिए अपना दर्द व्यक्त किया है।भाजपा सांसद ने जहां इस पोस्ट के जरिए मन के अंदर चल रहे द्वंद को प्रस्तुत किया है, वहीं उन्होंने पार्टी छोड़ने की अटकलों के बीच अपना रूख भी स्पष्ट किया है।भाजपा सांसद ने अपनी पोस्ट से पिता के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर होने वाली टिप्पणी पर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया भी व्यक्त की है। इसके साथ उन्होंने पिता और पार्टी को लेकर भी अपनी बात सहजता से कही है।

एक तरफ पिता स्वामी प्रसाद मौर्य है, तो दूसरी तरफ पार्टी भाजपा है। जिस पर तेज हुई सियासत में फंसी बदायूं सांसद डा संघमित्रा ने अपनी मनोस्थिति को व्यक्त किया।इस दौरान वह पिता और पार्टी के बीच चल रही सियासत को लेकर इंटरनेट मीडिया पर होने वाली टिप्पणी को लेकर आक्रोशित है।उन्होंने अपनी फेसबुक वाल पर दर्दभरा पोस्ट कर आलोचकों को जवाब दिया है।खासतौर पर उन लोगों को जिन्होंने पार्टी छोड़ने के बाद उनके पिता स्वामी प्रसाद मौर्य पर अशोभनीय टिप्पणी की।

बदायूं सांसद ने अपनी पोस्ट की शुरूआत अपने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य से करते हुए लिखा है मैं कुछ मांगू ओर पूरा न हो, ऐसे तो हालात नहीं, मैं पुकारूं और पापा न सुनें, इतने भी हम दूर नहीं।इसके बाद उन्होंने अपनी पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पिता के बीच होने वाली बात का जिक्र करते हुए लिखा है प्रधानमंत्री के मुझे बेटी के रूप में मेरे पिता से मांगे गए वचन से बंधी हुई हूं।उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री जी के बोले गए शब्द कि मौर्य जी, ये बेटी अब हमारी बेटी है, ये बेटी हमने ले ली है गूंज जाते हैं ।

पीएम नरेंद्र मोदी के बाद उन्होंने पिता स्वामी प्रसाद मौर्य को लेकर लिखा है कि मेरे पिता मेरे अभिमान हैं, मेरे हीरो हैं।पार्टी अलग हो सकती है, लेकिन पिता-पुत्री नहीं।  

Edited By: Ravi Mishra