बरेली, जेएनएन। UP Vidhansabha Chunav 2022 : विधानसभा चुनाव में हर बार मुचलका पाबंद की कार्रवाई में लापरवाही बरतने वाली पुलिस ने इस बार भी अपनी किरकिरी कराई है। सत्यापन करने की बजाय मनमाने तरीके से सूची तैयार करते समय उन लोगों के नाम भी नोटिस जारी कर दिए जिनका निधन हो चुका है। या वे बीमार हैं और अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। पुलिस की इस कार्यशैली से लोगों में खासी नाराजगी है। नगर के मुहल्ला बजरिया निवासी माखन लाल राठौर का कई वर्ष पूर्व निधन हो चुका है, लेकिन चुनाव में शांतिभंग की आशंका जताते हुए पुलिस ने उन्हें मुचलका पाबंद किया है।

इसी तरह मुहल्ला अफरीदी के अख्तर अली, मुहल्ला कायस्थान निवासी अहसन मिर्जा बेग, कहरान के राजकुमार, नन्हे लाल, राजू, आतिशबाजान मुहल्ले के छोटे राशिद खां, नादिरशाह के शकील, बंगशान मुहल्ले के रियाज खां, ग्राम भोजपुर निवासी धीरपाल सहित ऐसे कई नाम हैं जिनका निधन हो चुका है, पर पुलिस अब भी इनसे चुनाव की शांति व्यवस्था को खतरा मान रही है।

चौकीदार व बीमार भी शामिल

पुलिस ने भोजपुर गांव के चौकीदार रामवीर के विरुद्ध भी निरोधात्मक कार्रवाई की है। भोजपुर गांव में 46 लोगों को मुचका पाबंद किया है। इनमें कई अपने परिवार के साथ कुछ वर्ष से दिल्ली, बरेली व अन्य स्थानों में रह रहे हैं। बरेली के अस्पताल में इलाज करा रहे बुजुर्ग रामपाल, मुहल्ला आतिशबाजान के रहमतुल्लाह अंसारी भी इस कार्रवाई में शामिल हैं।

अगर किसी नाबालिग या बुजुर्ग मतदाता का नाम निरोधात्मक कार्रवाई की सूची में आ गया है। तो अपने आधार कार्ड को दिखा कर नाम कटवा सकते हैं। जहां तक मृतकों का नाम शामिल होने की बात है तो उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई स्वतः ही समाप्त समझी जाएगी। अराजक तत्वों का नाम पुलिस को बता कर जनता सहयोग कर सकती है। प्रवीण कुमार सोलंकी, प्रभारी निरीक्षक कटरा

Edited By: Ravi Mishra