बरेली, जेएनएन। स्वामी प्रसाद मौर्य के भाजपा छोड़कर सपा में जाने के बाद चर्चा में आईं सांसद डा. संघमित्रा मौर्य मंगलवार को भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करने निकलीं। स्वामी प्रसाद के आरोप लगाने की पिछड़ा और अति पिछड़ा वर्ग को भाजपा में सम्मान नहीं मिल रहा के सवाल पर सांसद ने सीधे तो कुछ नहीं कहा, लेकिन मौन रूप से उसका समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश और देश की राजनीति में जमीन आसमान का अंतर है। उन्होंने कहा कि जो आवाज उठी है वह प्रधानमंत्री जी तक पहुंच चुकी है। निश्चित रूप से आने वाले दिनों में इसका समाधान हो जाएगा। बिल्सी से भाजपा प्रत्याशी हरीश शाक्य का नामांकन कराने के बाद कलक्ट्रेट पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रही थीं।

फेसबुक पर अपर्णा यादव के भाजपा में आने पर पोस्ट डालकर आपत्ति जताने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैंने आपत्ति अपने और अपर्णा जी के बारे में नहीं की थी। मेरा सवाल उन फेसबुकियों और घर बैठे बिना मांगे सलाह देने वालों से सवाल था कि बहन और बेटी की भी कोई जाति होती है, जो एक पर टिप्पणी करते हैं और दूसरे पर मौन साध लेते हैं। पिता सपा में है और वह भाजपा में उनके भी यहां समर्थक हैं इनमें कैसे सामंजस्य बैठाएंगी, इस सवाल पर सांसद ने कहा कि मैं भारतीय जनता पार्टी की कार्यकर्ता हूं, निश्चित रूप से भाजपा को लड़ाऊंगी। मैं यहां की जनप्रतिनिधि हूं जनता मेरे साथ है। जिले के छह के छह विधायक भाजपा के विधायक होंगे। स्वामी प्रसाद के सपा में जाने से भाजपा पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस सवाल को अनसुना करते हुए आगे निकल गईं।

Edited By: Ravi Mishra