बरेली, जेएनएन। UNICEF Officer Advice : सूबे में मॉडल स्कूल चुने जाने के बाद जसोली स्कूल में यूनीसेफ के अधिकारियों ने भी अपनी कसौटी पर कस लिया। अधिकारियों को कायाकल्प के तहत हुए निर्माणों का जायजा लेना था। उन्होंने बच्चों के साथ भी समय बिताया। शैक्षणिक गुणवत्ता परखने के लिए सवाल पूछे.. बच्चों ने भी तपाक से जवाब दिए।

सोमवार को लखनऊ से यूनिसेफ की टीम बरेली पहुंची। किला के जसोली कंपोजिट स्कूल में निरीक्षण के लिए पहुंची टीम के पास बिंदुवार समीक्षा के मानक थे। उन्होंने कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर सबसे पहले स्कूल में सैनिटाइजेशन की व्यवस्था देखी। स्कूल में लगे हैंडवाश स्टेशन व दिव्यांग बच्चों के लिए बने अलग शौचालय को देखते हुए उनके चेहरों पर संतुष्टि के भाव थे। उन्होंने पूछा कि वक्त कम हो, तब चैप्टर को समझाने के लिए क्या तरीका अपनाते है। शिक्षकों ने कहा कि चित्रों के जरिये बच्चों को जल्दी चैप्टर याद होते हैं। इसलिए उन्हीं का सहारा लिया जाता है।

यूनिसेफ के प्रदेश के कार्यक्रम प्रबंधक अमित मेहरोत्रा ने बच्चों से स्कूल व घर के आसपास स्वच्छता रखने के बारे में पूछा। जिस पर बच्चों ने कहा कि हमारे टीचरों ने बताया है कि स्वस्थ रहने के लिए साफ रहना जरूरी है। वाश आफिसर सैनिटाइज एंड हाइजीन कुमार विक्रम ने बच्चों को खाने से पहले किस तरह हाथ धोएं, इसके बारे में जानकारी दी।

अधिकारियों स्कूल में बच्चों के अनुपात के हिसाब से शिक्षकों की संख्या न होने पर चिंता जताई। स्कूल के प्रधानाध्यापक हरीश बाबू ने कहा कि जिले में हाल ही में नए शिक्षकों की नियुक्ति हुई है। उम्मीद है अगले महीने इस दिक्कत से बच्चों को नहीं गुजरना पड़ेगा। यूनिसेफ के क्षेत्रीय अधिकारी जव्वाद ने बताया कि यूनिसेफ की ओर से माडल के रूप में संचालित 2504 स्कूलों में 454 स्कूल टाॅप पांच की सूची में शामिल किए गए हैं।

Edited By: Ravi Mishra