अभिषेक जय मिश्र, बरेली : जंक्शन पर गाड़ियों की धुलाई के लिए तीन करोड़ की लागत से ऑटोमैटिक कोच वाशिंग प्लांट (एसीडबल्यूपी) बनाया जाएगा। 2020 में ही यह सुविधा बरेली को मिल जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी है। जिससे स्वच्छता अभियान काे गति मिल सकेगी। 

तकरीबन सभी रूट की गाड़ियों में सफर करने वाले यात्रियों को ट्रेन में मिलने वाली गंदगी की शिकायत रहती है। रेलवे के सफाई मैन्युअल में यात्री अक्सर इसका उल्लेख भी करते हैं। देखा गया है कि दो से आठ घंटे की देरी से चलने वाली ट्रेनों को वाशिंग लाइन पर सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही हो पाती है।

बरेली स्टेशन मास्टर सत्यवीर सिंह के मुताबिक वाशिंग लाइन में पहुंचने के बाद धुलाई और बोगियों के अंदर सफाई में करीब छह घंटे का समय लगता है। ट्रेन को निश्चित समय में दोबारा चलाने के लिए अक्सर यह समय कम भी पड़ता है।

जल्दी सफाई होने से ऑपरेटिंग में होगी आसानी: आटोमेटिक कोच वाशिंग प्लांट में ट्रेन के पहुंचने के बाद कोच के बाहरी आवरण की धुलाई शुरू हो जाएगी। इससे करीब चार घंटे की बचत होगी। इसके बाद करीब एक घंटे में बोगियों के अंदर सफाई हो जाएगी। इस तरह से ट्रेन दोबारा चलाने की स्थिति में जल्दी आ जाएगी।

अब शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया : अपर मंडल रेल प्रबंधक ने बरेली के साथ दो अन्य स्टेशनों पर भी प्लांट लगाने की रिपोर्ट तैयार की है। अभी टेंडर नहीं निकाले गए हैं। रेलवे बोर्ड पूरे देश के सौ स्टेशनों पर प्लांट लगाने की कवायद शुरू कर चुका है।

बरेली समेत तीन स्टेशनों का प्रस्ताव बन चुका है। टेंडर अभी नहीं हुए हैं। इसी वर्ष में यह प्लांट तैयार कर लिया जाएगा। इससे ट्रेनों की सफाई में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।

- मान सिंह मीना, अपर मंडल रेल प्रबंधक, मुरादाबाद मंडल

 

Posted By: Abhishek Pandey

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