जेएनएन, बरेली : बड़े बकाएदारों के प्रतिष्ठान सील करने मंगलवार सुबह निकली नगर निगम की टीम त्योहार के चलते नर्म पड़ गईं। दुकानों पर ग्राहकों को देखकर टीम ने प्रतिष्ठान सील नहीं किए। कैंप लगाकर और बकाएदारों के पास पहुंचकर करीब 15 लाख रुपये टैक्स की वसूली की गई। सीलिंग की कार्रवाई अब होली के बाद होगी। नगर निगम की टीम संपत्ति कर नहीं चुकाने वाले बकाएदारों के प्रतिष्ठान सील करने के लिए सुबह ही निकल गई थी। त्योहार का मौका होने के कारण मंगलवार को बाजार समय से पहले खुल गया। इतना ही नहीं दुकानों पर खरीदार उमड़ने लगे। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना, कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप के नेतृत्व में पहुंची टीमों ने होली के चलते सीलिंग की कार्रवाई नहीं की। एक टीम बटलर प्लाजा मार्केट में कैंप लगाकर बैठ गई। वहीं, सभी दुकानदारों ने आकर अपना बकाया भुगतान किया। कुछ व्यापारियों ने टैक्स को लेकर आपत्ति भी जताई और बिल संशोधित करवाया। दूसरी टीम ने प्रतिष्ठानों पर जाकर टैक्स वसूली की। दिन भर में करीब 15 लाख रुपये टैक्स का जमा हुआ। इतनी टैक्स वसूली जोन एक - 3.54 लाख जोन दो - 7.75 लाख जोन तीन - 2.51 लाख जोन चार - 2.34 लाख महापौर ने कर निर्धारण अधिकारी को हड़काया कुदेशिया स्थित एक बरातघर पर नगर निगम ने तीन दिन पहले सील लगा दी थी। उस पर स्थित दुकान का टैक्स जमा करने के लिए व्यापारी तीन दिन से निगम के चक्कर काट रहे हैं। महापौर व नगर आयुक्त से शिकायत पर भी कुछ नहीं हुआ। महापौर डॉ. उमेश गौतम ने मंगलवार को कर निर्धारण अधिकारी विपिन कुलदीप को बुलाकर व्यापारी से टैक्स लेकर सील खोलने को कहा। उन्होंने कम वसूली होने पर फटकार लगाते हुए उनके जोन में स्थित होटलों, अस्पतालों की सूची तलब की।

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