स्वाइन फ्लू का खौफ: बरेली मंडल में 16 मरीज मिले, एक महिला की मौत; डेंगू-मलेरिया ने भी बढ़ाई चिंता
बरेली मंडल में स्वाइन फ्लू के 16 मामले सामने आए हैं, जिसमें एक महिला की मौत हो गई है, जबकि ...और पढ़ें

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HighLights
बदायूं निवासी महिला का बरेली में चल रहा था इलाज, जिले में अब तक मिले हैं पांच केस
जागरण संवाददाता, बरेली। बरेली मंडल में स्वाइन फ्लू के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। बरेली में पांच केस सहित मंडल में अब तक 16 मरीजों की स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें बदायूं की एक महिला की भी मौत हो चुकी है। बदायूं की महिला बरेली के एक निजी मेडिकल कालेज में भर्ती थी। महिला की मौत के बाद उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद उसके स्वाइन फ्ल संक्रमित होने का पता चला।
बरेली में माडल टाउन निवासी महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई थी। इस महिला की जांच भी बरेली में ही हुई थी। इसके अलावा बरेली में जो चार अन्य केस आए हैं, उनकी जांच बाहर हुई थी लेकिन आधार कार्ड में पता बरेली होने की वजह से उन्हें बरेली के रिकार्ड में दर्ज किया गया है।
वहीं इसके बाद बरेली में तो कोई केस नहीं आया है लेकिन मंडल के अन्य जिलों में लगातार केस निकल रहे हैं। मंडल में पीलीभीत में एक, शाहजहांपुर में तीन और बदायूं में सबसे अधिक सात मरीजों में पुष्टि हुई है। इनमें बदायूं निवासी महिला को डोहरा रोड स्थित निजी मेडिकल कालेज में रेफर किया गया था।
यहां महिला की 28 अगस्त को मौत हो गई थी। स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया था, जिसकी जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को आने के बाद यूडीएसपी पोर्टल पर रिकार्ड दर्ज किया गया। मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डाॅ. अखिलेश्वर सिंह ने बताया कि मंडल में अब तक 16 केस मिले हैं। बदायूं में एक मरीज की मौत हुई है, इस संबंध में जिले से रिपोर्ट मांगी जाएगी।
जिला अस्पताल में 200 वीटीएम पहुंची, गंभीर मरीजों के लिए जाएंगे सैंपल
स्वाइन फ्लू के मामले सामने आने के बाद जिले में अधिकारियों की ओर से लगातार इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में ट्रूनाट मशीन से सैंपल लेकर जांच की जाएगी। इसके लिए 200 वीटीएम आ गई हैं। वहीं स्वाइन फ्लू वार्ड भी बना दिया गया है।
वहीं निजी अस्पतालों की ओर से भी स्वास्थ्य विभाग से वीटीएम की डिमांड की गई है, ताकि सैंपल लिए जा सकें। हालांकि सरकारी अस्पताल में अभी कोई सैंपल नहीं लिया है। एडीएसआईसी डाॅ. रमेश दीक्षित ने बताया कि दिशा-निर्देशों के तहत गंभीर मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे।
डेंगू के बाद मलेरिया के पीएफ केस बढ़ने से बढ़ी चिंता
जिले के लोगों को एक साथ तीन संक्रमण से फैलने वाली बीमारियों से लड़ने की चुनौती सामने आ गई है। स्वाइन फ्लू के पांच केस आने के बाद डेंगू का भी नया केस सामने आया है।
इसके अलावा अब मलेरिया के केस भी बढ़ने शुरू हो गए हैं, इसमें भी पीएफ के केस अधिक आने लगे हैं जो चिंता की बात है। इस समय बरसात का सीजन चल रहा है जो तीनों बीमारियों के लिए अनुकूल है। जिले में मलेरिया के पीएफ के केस इसी मौसम में अधिक आते हैं।
वहीं 15 सितंबर के बाद डेंगू के केस भी बढ़ते हैं। जिले में अब तक डेंगू के छह केस मिले हैं। वहीं मलेरिया के 337 केस आए हैं, जिसमें 315 पीवी (प्लाज्मोडियम वाइवेक्स) और 22 पीएफ (प्लाज्मोडियम फाल्सीपैरम) के हैं।
